मिला आश्वासन, बढ़ सकता है मानदेय शिक्षकों का कार्यकाल
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मनमानी फीस बढ़ोत्तरी, शिक्षकों का कार्यकाल और मानदेय बढ़ोत्तरी का मुद्दा प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा के सामने उठाया गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ संस्कृत विश्वविद्यालय इकाई एवं संस्कृत विद्यालय शिक्षक समिति के सदस्यों ने लखनऊ में प्रमुख सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
समिति के सदस्यों ने लखनऊ में डॉ. गोविंद कुमार मिश्र के नेतृत्व में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा सुधीर एम बोबड़े एवं प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा दीपक कुमार को ज्ञापन दिया। डॉ. गोविंद मिश्र ने बताया कि अधिकारियों से संविदा शिक्षकों के कार्यकाल में बढ़ोत्तरी, मानदेय में वृद्धि के साथ ही संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा मनमानी फीस बढ़ोत्तरी और तानाशाही रवैये पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने आश्वस्त किया कि जब राज्य सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों की फीस समान निर्धारित कर रखी है तो कोई कैसे मनमानी कर सकता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मानदेय शिक्षकों का कार्यकाल भी आने वाले मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक के बाद पुनः दो साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल में अभिषेक पाठक, श्रवण मणि त्रिपाठी, नीरज पांडेय, हरिश्चंद्र पांडेय, ओंकार मिश्रा आदि रहे।