फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निकाय चुनावः इस बार ‘अराजनीतिक’ होंगी प्रथम नागरिक, उम्मीदवारों को राजनीतिक परिवार का सहारा 

Wed, 08 Nov 2017 12:27 PM IST
amarujala.com, presented by जय नारायण सिंह यादव
विज्ञापन
डेमो इमेज
विज्ञापन
नगर निकाय चुनाव में एक दिसंबर को निर्वाचित होने वाली शहर की प्रथम नागरिक राजनीतिक अनुभव के बगैर ही सदन में पहुंचेंगी। भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा ने जिन महिलाओं को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है, राजनीतिक परिवार से ताल्लुक के बावजूद इनमें से किसी भी महिला ने अब तक पार्षद का भी चुनाव नहीं लड़ा है।
विज्ञापन


राजनीतिक अनुभव न होने के कारण माना जा रहा है कि इसमें राजनीतिक इच्छा रखने वालों की भूमिका अहम हो जाएगी। भाजपा की प्रत्याशी मृदुला जायसवाल भाजपा से दो बार सांसद रहे शंकर प्रसाद जायसवाल की बहू हैं।

वहीं कांग्रेस की शालिनी यादव भी राज्यसभा के उपसभापति रहे श्यामलाल यादव की पुत्र वधू हैं। मगर इन दोनों में से किसी ने चुनाव नहीं लड़ा है। यही हाल सपा की साधना गुप्ता का है। उनके पति जरूर सपा से जुड़े हैं मगर साधना का राजनीतिक कैरियर नहीं है।
विज्ञापन


बसपा की सुधा चौरसिया यों तो 2009 से पार्टी से जुड़ी हैं लेकिन चुनाव नहीं लड़ी हैं। इनमें से जो भी महापौर चुनी जाएंगी, उनके लिए सदन में जाने का पहला अवसर होगा। सदन की कार्यवाही से लेकर संचालन आदि का अनुभव नहीं होगा।

यही नहीं, महापौर सदन में पहली बार कदम रखेंगी तो मेयर कक्ष से लेकर सदन की जगह भी बदली हुई होगी। दरअसल, इस बार निर्वाचित होने वाली मेयर को पुराना मेयर कक्ष में बैठने को नहीं मिलेगा।

दरअसल, नगर निगम प्रेक्षागृह, मेयर कक्ष को तोड़कर जापान सरकार के सहयोग से कंवेंशन सेंटर बनाया जाना है। इसलिए नवनिर्वाचित पार्षदों और मेयर को सांस्कृतिक संकुल जाना पड़ेगा। सदन को यहीं से चलाने की तैयारी है।
विज्ञापन

अब तक के महापौर 

डेमो - फोटो : डेमो
1. सरोज सिंह 30 नवंबर, 1995 से 29 नवंबर, 2000

2. अमर नाथ यादव 30 नवंबर, 2000 से 20 जनवरी, 2006

3. कौशलेंद्र सिंह 17 नवंबर, 2006 से 19 जुलाई, 2012

4. राम गोपाल मोहले 20 जुलाई, 2012 से अगस्त, 2017
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें