वाराणसी। इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से रविवार को नाटी इमली स्थित बुनकर कॉलोनी में आयोजित इत्तेहाद-ए-मिल्लत कांफ्रेंस इत्तेहाद कायम रखने के लिए तालीम हासिल करने पर जोर दिया गया।
मिल्लत कांफ्रेंस में तकरीर करते हुए मौलाना मोइनुद्दीन उर्फ प्यारे मियां ने कहा कि तालीम के जरिए ही मुल्क में इत्तेहाद कायम रखा जा सकता है। तालीम चाहे दीनी हो या दुनियावी, उसे हासिल करना हम सब का फर्ज है। जब तक हम पढ़े लिखे नहीं होंगे तब तक अच्छे बुरे का फर्क नहीं कर सकते।
मुंबई से आए मौलाना युसुफ रजा ने कहा कि अल्लाह का हुक्म है कि आपस में रहने वालों को जुदा न करो क्योंकि इत्तेहाद जिंदगी है और बिखराव मौत। आज हम नाकामयाब इसलिए नजर आ रहे हैं क्योंकि हमारी मिल्लत में भाईचारे और मुहब्बत की कमी है। हम मुहब्बत करने की बजाय एक दूसरे की कमियां ढूंढते हैं।
ये नहीं समझते कि तमाम कामयाबी इत्तेहाद से है। काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन ने देश के अमनोअमान के लिए दुआ की। कांफ्रेंस में बतौर मुख्य अतिथि सपा के जिलाध्यक्ष सतीश फौजी ने शिरकत की। कार्यक्रम का आगाज तिलावते कलाम पाक से कारी शहाबुद्दीन ने किया।
संचालन फरीद अहमद नूरी और शुक्रिया संयोजक एसएम खुर्शीद ने किया। कांफ्रेंस में हाजी नासिर जमाल, अशफाक मेमन, बदरुद्दीन, संतोष यादव, महमूद आलम, डा. मौलाना शफीक अजमल, जीशान अली, मौलाना शफी, गुलाम साबिर, कमाल अख्तर, मौलाना शकील अहमद आदि मौजूद रहे।