बीते वर्ष यूपी के आजमगढ़ जिले में जहरीली शराब पीने से हुई 30 लोगों की मौत का आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह करीब 15 माह से फरार था। वह अवैध शराब फैक्ट्री के मामले में पकड़े गए बसपा के पूर्व विधायक और वर्तमान में भाजपा नेता सुरेंद्र का पार्टनर है। तलाशी के दौरान उसके पास से 20 लीटर अपमिश्रित शराब बरामद हुई।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार प्रदीप यादव मूलरूप से बिलरियागंज थाना क्षेत्र के शहाबुद्दीनपुर गांव का निवासी है। वह जहरीली शराब कांड का मास्टर माइंड है। एसपी ग्रामीण के मुताबिक बीते वर्ष जुलाई माह में रौनापार, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई 30 लोगों की मौत के लिए प्रदीप यादव भी जिम्मेदार है।
घटना के बाद से ही वह पुलिस की नजर से बच रहा था। पुलिस प्रदीप की गिरफ्तारी को लेकर सुस्त पड़ गई। जिसका परिणाम रहा कि प्रदीप अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने लगा था। 20 सितंबर शाम को कप्तानगंज थाने की पुलिस ने अतरौलिया क्षेत्र के पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा के पियरिया धर्मशाला गांव स्थित रामनरायन स्मारक महिला महाविद्यालय में छापेमारी कर भारी संख्या में शराब और उपकरण के साथ पूर्व विधायक एवं उसके सहयोगी यादव को गिरफ्तार किया था। जबकि प्रदीप सहित अन्य फरार हो गए थे।
एसपी ग्रामीण के मुताबिक रविवार रात करीब 11 बजे प्रदीप पियरिया धर्मशाला गांव में स्थित पावर हाउस के पास खड़ा होकर किसी के आने का इंतजार कर रहा था। तभी मुखबिर की सूचना पर कप्तानगंज थाने के दारोगा अरुण सिंह ने टीम के साथ पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान उसके पास से 20 लीटर अपमिश्रित शराब बरामद हुई। उधर पुलिस की गिरफ्त में आने पर विधायक की ओर से जमानत पर छूटने और अधिकारियों को देख लेने की धमकी देने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी रविशंकर छवि ने पैरवी सेल के लोगों को गतिविधियों की पल-पल की सूचनाएं देने के लिए कहा है।