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सोनभद्र: चोपन नगर पंचायत अध्यक्ष की हत्या के बाद बाजार रहा बंद, नम हुईं आंखें, दिखा गुस्सा

Fri, 26 Oct 2018 10:21 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
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- फोटो : अमर उजाला
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लगातार दो बार से चोपन के चेयरमैन रहे इम्तियाज अहमद की गोली मारकर हुई हत्या के बाद शोक में बाजार पूरी तरह से बंद रहा। अपने चहेते ही हत्या से दुखी उनके चाहने वालों की आंख नम रही। जिसे जहां से जानकारी हुई, लोग चेयरमैन के घर और अस्पताल पहुंचे। फिल्मी स्टाइल में हुई इस हत्या को लेकर हर कोई हतप्रभ था और इसकी कड़े शब्दों में निंदा कर रहा था।

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बृहस्पतिवार की अल सुबह खेल मैदान में नगर पंचायत को गोली मारे जाने की घटना से हर कोई हतप्रभ है। जैसे-जैसे लोगों को घटना की जानकारी हुई लोग चेयरमैन के घर पहुंचे। तमाम लोग चोपन से जिला अस्पताल भी पहुंच गए थे। इम्तियाज की हत्या के विरोध में चोपन बाजार बृहस्पतिवार को पूरी तरह से बंद रहा। नगर की एक भी दुकान नही खुली।

यहां सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। चेयरमैन के आवास पर भी पुलिस तैनात थी। पूरा नगर पुलिस छावनी के रूप में तब्दील हो गया था। लोगों की भारी भीड़ से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि लोगों ने सुबह करीब आठ बजे इस घटना के विरोध में चेयरमैन के घर के सामने ही चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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लोगों का आक्रोश जाम के जरिये सामने था। दोपहर में जब पोस्टमार्टम के बाद इम्तियाज का शव उनके आवास पर पहुंचा तो वहां लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर इम्तियाज के छोटे भाई उस्मान ने लोगों को समझाकर शांत कराया और चक्काजाम समाप्त कराया।

चोपन में सामाजिक सद्भाव के मिसाल थे इम्तियाज

नगर पंचायत के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद - फोटो : अमर उजाला
नगर पंचायत के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद के मिलनसार छवि का हर कोई कायल था। वे नगर में सामाजिक सद्भाव के मिसाल थे। हर धर्म के कार्यक्रम में उनकी सहभागिता बढ़ चढ़कर होती थी। यहां तक कि किसी भी आयोजन में आर्थिक सहयोग देने में भी पीछे नहीं हटते थे।

रासलीला हो या रामलीला खुद वहां रहकर पूरी व्यवस्था देखने के साथ ही कार्यक्रम में हिस्सा भी लेते थे। इससे नगर में उनकी छवि अन्य लोगों से काफी अलग थी। उनके हर राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर संबंध थे। इससे उनकी हत्या से हर कोई न सिर्फ हतप्रभ था बल्कि उसके अंदर इसको लेकर गुस्सा भी था।

खूनी खेल तक पहुंच गई खनन में वर्चस्व की जंग

बदमाश के पास से बरामद असलहा - फोटो : अमर उजाला
खनन उद्योग में वर्चस्व की जंग अब खूनी खेल तक पहुंच गई है।  कई बड़े कारोबारियों के खनन में हस्तक्षेप के बाद भी हत्या तक का कोई मामला इसके पहले कभी नहीं आया। लेकिन चोपन के नगर पंचायत अध्यक्ष इम्तियाज अहमद की बृहस्पतिवार को गोली मारकर की गई हत्या के बाद खनन व्यवसाय में आपसी रंजिश खुलकर सामने आ गई है।  

जिले में खनिज संपदाओं की प्रचुरता है। यहां बालू, पत्थर और कोयला का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। तमाम बड़ी कंपनियों और ग्रुपों के लोग यहां व्यवसाय करने आए लेकिन कभी रंजिश में हत्या की नौबत नहीं आई। चर्चा में यहां तक पूर्व में आया था कि कई बड़े माफियाओं के गुर्गों ने भी खनन व्यवसाय में हाथ डाला, लेकिन उनकी ओर से किसी ऐसी घटना को अंजाम नहीं दिया गया जिससे लोग पहले कभी इस व्यवसाय को लेकर दहशत में आते।

लेकिन बृहस्पतिवार की अल सुबह चोपन में नगर पंचायत अध्यक्ष और खनन उद्यमी इम्त्तियाज अहमद की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे खनन व्यवसाय में चल रही आपसी अदावत को उजागर कर दिया है। अभी भले यह स्पष्ट न हो कि हत्या की वजह खनन व्यवसाय को लेकर रंजिश ही है। वहीं उस्मान का कहना है कि पत्थर को लेकर कुछ लोगों से उनके भाई का विवाद हुआ था।

छावनी में तब्दील हुआ जिला अस्पताल, चोपन कस्बा

- फोटो : अमर उजाला
चोपन के चेयरमैन इम्तियाज अहमद की हत्या के बाद जिला अस्पताल और चोपन कस्बा पुलिस की छावनी के रूप में तब्दील हो गया। सुबह जैसे ही लोगों को हत्या की खबर मिली लोग भारी संख्या में जिला अस्पताल पहुंचने लगे। देखते-देखते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। वहीं दलीय सीमा तोड़ सभी जनप्रतिनिधि और सभी दलों के लोगों के अस्पताल में पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर यहां कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई थी। शव का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों के पैनल ने किया।       

नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद की हत्या की खबर पर सुबह सात बजे से ही जिला अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी थी। घटना की सूचना पाकर कई जनप्रतिनिधि, विभिन्न दलों के पदाधिकारी वहां पहुंच गए। डीएम अमित कुमार सिंह और एसपी किरीट राठौड़ ने भी अस्पताल में स्थितियों का जायजा लिया।

भीड़ को देख एसपी ने अस्पताल में कई थानों की पुलिस के साथ ही अस्पताल गेट पर पीएसी जवानों को तैनात कर दिया था। सभी दलों के नेता हत्या की इस घटना के जल्द खुलासे की मांग कर रहे थे। माहौल खराब न हो, इसको लेकर भी प्रशासनिक और पुलिस के अफसर सतर्क रहे।

शव का जल्द पोस्टमार्टम कराने के लिए अफसर प्रयास में दिखे। डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल के चार डॉक्टरों डॉ. केके सिंह, डॉ. संदीप, डॉ. मंसूर अहमद, डॉ. पीके सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया।

घर शव पहुंचते ही माहौल हुआ गमगीन

नगर पंचायत अध्यक्ष की हत्या और पोस्टमार्टम के बाद उनका शव बृहस्पतिवार की दोपहर में उनके घर पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया। लोगों की आखें नम हो गईं। इम्तियाज के पिता-माता का रो-रो कर बुरा हाल था। पत्नी बार-बार अचेत हो जा रही थी। इम्तियाज के चार बच्चे हैं। इसमें बड़ा बेटा अनिश अहमद एमबीए करके चोपन ही रह रहा था। दूसरा बेटा इश्तियाक अहमद नोएडा में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। तीसरा बेटा मोहम्मद अयान लखनऊ में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।

इकलौती बेटी इफ्तिसान लखनऊ से बीटेक कर घर पर है। सबसे छोटा बेटा वाराणसी सनबीम में इंटर कर रहा है। इम्तियाज पहली बार नगर पंचायत का चुनाव 2012 में लड़े थे और रिकार्ड मतों से जीते थे। फिर 2017 में भी जनता ने उन्हें जिताया।

उद्योग व्यापार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को डीएम से मिला और ज्ञापन सौंपकर घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की। एसोसिएशन की महिला सभा की प्रदेश सचिव सोनी विश्वकर्मा ने कहा कि जिले में अपराध बढ़ता जा रहा है। इससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की। 

अस्पताल में सीएमएस को ढूंढते रहे डीएम, लगाई फटकार

इम्तियाज का शव जिला अस्पताल में आने पर पोस्टमार्टम की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी थी। पंचनामा आदि की कार्रवाई की जा रही थी। इसी बीच पहले सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीबी गौतम का फोन किया। जब उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ तो उन्होंने दोबारा दूसरे के नंबर से उन्हें फोन किया।

इस पर सीएमओ ने सीएमएस की बात डीएम से कराई। डीएम ने उन्हें जल्द अस्पताल में आने के लिए कहा। काफी देर बीतने के बाद भी जब सीएमएस अस्पताल नहीं पहुंचे तो उन्होंने फिर सीएमएस को फोन किया और पूछा कि वे कहां हैं। जब सीएमएस अस्पताल में पहुंचे तो डीएम ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। डीएम के निर्देश पर ही चार डॉक्टरों के पैनल ने सीएमएम की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम किया।
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आरोपी को बगैर मजिस्ट्रेट के वाराणसी ले जाने का विरोध

इम्तियाज अहमद की हत्या करने वाले एक आरोपी को पकड़कर पुलिस उपचार के लिए राबर्ट्सगंज के एक निजी अस्पताल में ले गई। आरोपी को जिला अस्पताल न ले जाकर निजी अस्पताल ले जाने और फिर वहीं से उसे वाराणसी ले जाने की जानकारी होने पर सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, जिलाध्यक्ष विजय यादव कार्यकर्ताओं के साथ संबंधित निजी अस्पताल पर पहुंच गए। इसी दौरान वहां डीएम भी पहुंच गए।

वहां डीएम से सपा नेताओं ने बगैर किसी डॉक्टर और मजिस्ट्रेट की देखरेख में आरोपी को वाराणसी ले जाने का विरोध किया। इसको लेकर डीएम और पूर्व विधायक के बीच कुछ तल्ख स्थिति भी हुई लेकिन बाद में मामला संभल गया। फिर डीएम ने आश्वासन दिया कि एक तहसीलदार की देखरेख में आरोपी का उपचार किया जाएगा और फिर डीएम वहां से लौट गए।
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