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कोरोना के डर से बाजार सूना, 600 करोड़ रुपये का घाटा

Sat, 14 Mar 2020 12:41 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Tourist - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना का डर बनारस में हर क्षेत्र पर दिखने लगा है। बनारसी सिल्क वस्त्र उद्योग हो या पर्यटन उद्योग। दोनों पर सुस्ती छाई हुई है। शेयर बाजार में भी 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है। 15 अप्रैल तक विदेशी यात्रियों के अराइवल वीजा पर रोक लगने से 50-60 प्रतिशत होटल की बुकिंग कम हो गई है।

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माना जा रहा है कि 30 अप्रैल तक यही स्थिति रहेगी। इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार से रौनक गायब है। आनलाइन फूड डिलीवरी का कारोबार भी 60 प्रतिशत तक कम हो गया है। होटलों व रेस्टोरेंट में लोग खानपान से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में पर्यटन, इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक्स बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और दोनो उद्योगों को मिलाकर 600 करोड़ का नुकसान होना तय है।
 

कोरोना वायरस के कारण फरवरी से ही पर्यटन उद्योग प्रभावित होने लगा था। मार्च में ज्यादातर होटल बुकिंग निरस्त हो गई हैं। वहीं अप्रैल में इसके 100 फीसदी तक निरस्त होने की उम्मीद है। दरसअल, सरकार ने 15 अप्रैल तक अराइवल वीजा पर रोक लगा रखी है। 15 के बाद वीजा से रोक हटती भी है तो 25 से 30 अप्रैल के बाद ही पर्यटक काशी आ सकेंगे।

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ऐसी स्थिति में होटल, गेस्ट हाउस, ट्रैवेल एजेंट और टूर गाइड सभी पर असर पड़ेगा। एक माह में 100 करोड़ का पर्यटन उद्योग का कारोबार रहता है। वाराणसी टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के अनुसार मार्च और अप्रैल माह में 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित होना तय है।
 

mobile shop
इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक्स बाजार भी कराह रहा है। बहुत से उपकरणों के दाम 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। चाइना कॉपर का रेट लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ा है। इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक्स एसेसरीज व कंपोनेट पार्ट्स बाजार में उपलब्ध नहीं है। टीवी, वाशिंग मशीन, प्रेस और एलईडी वल्ब आदि उपकरण महंगे हो गए है।

इलेक्ट्रिकल कारोबार हर माह 100 से 150 करोड़ और इलेक्ट्रानिक्स गुड्स का 400 करोड़ का तक का कारोबार जिले में है। काशी इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्ट एंड डीलर एसोसिएशन के महामंत्री कौशल तिवारी ने बताया कि कोरोना के चलते जिले में 400 करोड़ का इलेक्ट्रानिक्स कारोबार प्रभावित हुआ है।

साड़ी उद्योग : 7 लाख लोगों प्रभावित

बनारसी वस्त्रों में इस्तेमाल होने वाला रेशम नहीं मिलने से साड़ी व्यवसाय से जुड़े 7 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कोरोना के चलते चीन से रेशम का आयात 10 फरवरी से ही बंद है। ऐसे में फरवरी से बनारसी साड़ी बाजार प्रभावित है। आर्डर मिलने के बावजूद माल नहीं तैयार हो पा रहा है।

कारोबारियों को आशंका है कि मार्च के अंत तक शहर के 40 हजार हथकरघा ठप हो सकते हैं। बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राहन बहल के अनुसार एक माह में करीब 200 करोड़ का साड़ी कारोबार होता है। जिले के 7 लाख लोग साड़ी कारोबार से जुड़े हुए हैं।
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शहर के होटल व रेस्टोरेंट सूने

शहर के 1000 से अधिक होटलों व रेस्टोरेंट में कोरोना का डर हावी होता दिख रहा है। अधिकतर लोग होटलों व रेस्टोरेंट में खाने से परहेज कर रहे हैं। नानवेज फूड वाले होटलों व रेस्टोरेंट में सन्नाटा पसरा हुआ है। कोरोना का डर खत्म करने के लिए रेस्टोरेंट में साफ-सफाई बेहतर बनाने से लेकर कई आकर्षक छूट भी दी जा रही है, फिर भी ग्राहक रुचि नहीं ले रहे हैं।

ऑनलाइन फूड डिलिवरी से कर रहे परहेज

शहर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी का कारोबार भी कोरोना वायरस के डर से अछूता नहीं है। प्रति माह एक करोड़ रुपये के फूड डिलीवरी के कारोबार में करीब 50 से 60 प्रतिशत तक कमी है। लोगों ने ऑनलाइन खाना मंगाना लगभग बंद कर दिया है। इसमें नानवेज फूड की डिलीवरी में बहुत कमी आई है।
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