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2018 में बनारस को मिले कई जख्म, इस हादसे ने हर आंख कर दी थी नम

Wed, 26 Dec 2018 11:21 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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varanasi flyover collapse
वर्ष 2018 बीतने में चंद दिन शेष हैं, लेकिन इस साल बनारस को कुछ जख्म ऐसे मिले जो अब भी लोगों के जेहन में कौंधते हैं। साल भर कभी पुलिस तो कभी बदमाश हावी होते दिखे। छावनी क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर की गई दो लोगों की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे में हुई 15 लोगों की मौत जिले के लोग शायद ही कभी भूल पाएं। इस हादसे हर किसी को रुला दिया था। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
डीरेका परिसर में 23 जनवरी की रात कर्मचारी नेता टीके मुकेश की गोली मार कर हत्या कर दी गई। साल की शुरुआत में ही इस जघन्य अपराध को कानून व्यवस्था के लिए चुनौती माना गया। तीन मई की रात सारनाथ थाना के रजनहिया में शराब ठेके के बाहर चखना बेचने वाले बसंता यादव और उसके रिश्तेदार राजेश यादव की हत्या कर बदमाशों ने सनसनी फैलाई। 

 
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घटनास्थल का पुलिस के उच्चाधिकारियों ने लिया जायजा - फोटो : amar ujala
आम लोग इससे उबरे भी नहीं थे कि 15 मई की शाम पांच बजे कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की दो बीम सड़क पर गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई। 28 अगस्त की रात चौबेपुर थाना के गौराकला गांव में आईईडी ब्लास्ट कर खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की हत्या कर दी गई थी। 

 

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अवैध तरीके से रखे और बनाए जा रहे पटाखों में गैस सिलिंडर के लीक होने से लगी आग - फोटो : अमर उजाला
इस बीच पटाखों में धमाके से 24 अक्तूबर को मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के लहरतारा में एक बच्ची सहित तीन लोगों की जान चली गई। 31 अक्तूबर की शाम काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक उपाध्याय और उसके तीन दोस्तों ने जेएचवी मॉल में दो की हत्या कर दी और दो लोगों की हत्या का प्रयास किया। साल के आखिर में 23 दिसंबर को जैतपुरा थाना के नक्खी घाट में घर में गुब्बारे में गैस भरने के दौरान टंकी फटने से एक की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए।

 
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varanasi police - फोटो : amar ujala
इसके साथ ही जिले में कुछ ऐसी भी वारदातें रहीं जिनका पुलिस खुलासा नहीं कर सकी या मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। इस वजह से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे। 24 जनवरी की रात मंडुवाडीह थाना क्षेत्र स्थित दवा की दुकान से लाखों की चोरी की गई, लेकिन चोरों का पता नहीं लगा। आठ अप्रैल को छावनी क्षेत्र स्थित मनी एक्सचेंज और ट्रेवल एजेंसी के मैनेजर से दिनदहाड़े आठ लाख रुपये लूटे गए, लेकिन लुटेरों की गिरफ्तारी तो दूर उन्हें चिह्नित भी नहीं किया जा सका। 

 
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वाराणसी एसएसपी ने मामले का किया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
सात जुलाई को चौक थाना के कर्णघंटा में आभूषण व्यापारी की स्कूटी की डिक्की से 80 लाख सोना चुराने के मुख्य आरोपी रूपेश सेठ का पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी। 29 सितंबर की रात रोहनिया थाना के कचनार स्थित स्कूल के दिव्यांग चौकीदार की हत्या की गुत्थी भी नहीं सुलझी। 25 अक्तूबर की रात जगतगंज में साइबर कैफे संचालक सतीश राय की गोली मार कर हत्या रहस्य बनी हुई है। इसके अलावा आईटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे, उचक्कागीरी व चेन स्नेचिंग और चोरी के दर्जनों मामलों का खुलासा नहीं हो सका। 

 
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यूपी पुलिस
साल भर में शहर की यातायात व्यवस्था में रत्ती भर भी सुधार नहीं आया। कभी शहर की यातायात व्यवस्था संभालने के लिए महज एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर था, मगर अब पांच तैनात हैं। हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और होमगार्ड की भी संख्या बढ़ी, मगर यातायात व्यवस्था पहले से भी बदहाल हो गई। व्यवस्था कब पटरी पर आएगी, इस बारे में पूछने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जवाब देने से कतराते हैं।

 
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crime shimla
जिले में अपराध
डकैती 01
लूट -42
हत्या -45
बलवा -74
घरों में चोरी     -198
वाहन चोरी -653
अपहरण -423
छेड़खानी -217
दुष्कर्म -81
महिला उत्पीड़न -493
दहेज हत्या -35
चेन स्नेचिंग -49
(एक जनवरी से 20 दिसंबर तक)
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