लोकसभा चुनाव 2019 में कई दलों ने बैठक कर के यह तय किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में अपना उतारेंगे। इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि वाराणसी से साझा उम्मीदवार उतारेंगे।
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गुरुवार को दशाश्वमेध स्थित सीपीएम कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के यहां से सांसद होने के बाद भी किसान, छोटे व्यापारी और बुनकरों को कोई राहत नहीं मिली, बल्कि उनका रोजगार छिन गया।
बीते पांच सालों में केंद्र सरकार ने संविधान के चार मूल स्तंभों पर हमले किए। धर्म निरपेक्षता, जनतंत्र, सामाजिक न्याय, आर्थिक आत्मनिर्भरता, संघीय ढांचा प्रभावित हुआ। भाजपा को हराने के लिए साझा उम्मीदवार उतारेंगे।
बैठक में सीपीएम के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, समाजवादी कुंवर सुरेश सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस के राकेश पाठक, सीपीआई के कन्हैया त्रिपाठी और संजीव सिंह आदि शामिल रहे।