सूत्रों के अनुसार, पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद ही अदालत आत्मसमर्पण आवेदन पर अंतिम निर्णय लेगी। माना जा रहा है कि न्यायालय सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगा।
गौरतलब है कि घमहापुर में हुए इस हत्याकांड ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा और आक्रोश पैदा किया था। घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और कई संदिग्धों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
इस बीच, आरोपियों द्वारा आत्मसमर्पण की पहल को मामले में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है। इससे न केवल जांच प्रक्रिया को गति मिल सकती है, बल्कि पीड़ित पक्ष को भी न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशानुसार जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों के आत्मसमर्पण पर क्या निर्णय लिया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।
फर्जी दस्तावेज के सहारे रह रहे बांग्लादेशी की जमानत अर्जी खारिज
पर जिला जज (13) नीरज कुमार बख्शी की अदालत ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद बशर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के अनुसार, रामनगर थाना पुलिस ने पिछले माह बशर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।