सावन महीने में श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और आरती के लिए श्रद्धालुओं को जेब ढीली करनी होगी। द्वादश ज्योर्तिलिंगों में प्रमुख बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को अब चार गुना अधिक शुल्क देना होगा।
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सावन में सोमवार को छोड़कर अन्य दिनों में मंगला आरती के टिकट के लिए श्रद्धालुओं को दुगुना दाम देना होगा। इसके अलावा दैनिक मंगला आरती, रुद्राभिषेक, महारुद्र, भोग आरती, सप्तर्षि आरती समेत शृंगार के शुल्क में भी बढ़ोत्तरी की गई है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि सावन के सोमवार पर बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती के टिकट का शुल्क चार गुना ज्यादा यानी 1200 रुपए देना होगा और इसके लिए एडवांस बुकिंग करवानी होगी। बाकी दिनों में मंगला आरती में शामिल होने के लिए 600 रुपए का टिकट मिलेगा।
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सावन महीने को छोड़ सामान्य दिनों में मंगला आरती का टिकट 300 रुपए ही था। इसे भी अब बढ़ाकर 350 रुपए कर दिया गया है। 28 जुलाई से शुरू हो रहे सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ रहा है। महाशिवरात्रि की मंगला आरती के लिए श्रद्धालुओं को 1500 रुपए की जगह 1800 रुपए देने होंगे।
रुद्राभिषेक एक शास्त्री के लिए 150 की जगह 180 रुपए, पांच शास्त्री 400 रुपए की जगह 480 रुपए, 11 शास्त्री से रुद्राभिषेक सात सौ की जगह आठ सौ, लघुरुद्र 12 सौ की जगह 14 सौ, महारुद्र 10 हजार की जगह 12 हजार, मध्यान्ह व रात्रि भोग आरती दर्शन के लिए 150 रुपए की जगह 180 रुपए देने होंगे।
सावन से पहले सजेगा शहर, भक्तों के लिए बिछेगा रेड कारपेट
शिवभक्त
शिवभक्तों के स्वागत के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए होने वाले बैरिकेटिंग के मार्गों में रेड कार्पेट बिछाया जाएगा। साथ ही विकास प्राधिकरण एवं नगर क्षेत्र में स्वागत द्वार बनाया जाएगा। इसके अलावा शहर के द्वादश ज्योंर्तिलिंग, 56 विनायक, अष्ट भैरव सहित सौ प्रमुख मंदिरों की सजावट की जाएगी। साथ ही कांवर मार्ग भी बेहतर किए जाएंगे।
राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अधिकारियों के साथ बैठक में सावन की तैयारियों की की समीक्षा की। शनिवार को सर्किट हाउस में राज्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम को सड़कों का निरीक्षण कर दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद से वाराणसी आने वाले कांवरियों के मुख्य मार्ग पर रूपापुर एवं कछवा चौराहे के पास रूट डाइवर्जन प्लान तैयार करने और साइनेज लगाने का निर्देश दिया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, प्रमुख शिवालयों सहित कांवर यात्रा मार्गों पर रोजाना तीन शिफ्टों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा।
सड़कों पर जगह-जगह अच्छे गुणवत्ता के मोबाइल टायलेट लगाए जाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने टाउनहाल, चितरंजन पार्क, महमूरगंज आदि स्थानों पर कांवर शिविरों को वाटर प्रुफ बनाने को कहा। उन्होंने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षा कर्मियों की एक टीम बनाकर नियमित निरीक्षण कराने को कहा।
महमूरगंज फ्लाईओवर के बगल स्थित नाला के खुले हिस्से को ढकवाने को कहा। प्रमुख चौराहों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाकर उस पर ओम नम: शिवाय का धुन प्रसारित कराये जाने को कहा। उन्होंने मोहनसराय, रोहनिया, मण्डुवाडीह, महमूरगंज आदि मार्गो का तत्काल मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया।
श्रावण मास के दौरान बाजारों को रविवार को खोलने के साथ ही साप्ताहिक बंदी सोमवार को सुनिश्चित कराने के लिए डीएम को निर्देशित किया।
28 जुलाई से शुरु होने वाले सावन के महीने में शिवभक्तों की सुरक्षा तैयारियों में पुलिस जुट गई है। चप्पे-चप्पे पर तीन हजार से ज्यादा पुलिस बल तैनात हो रहेंगे। वहीं सादे कपड़ों में खुफिया एजेंसी के लोग नजर रखेंगे।
सावन की महीने में इस बार सुरक्षा के मद्देनजर काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा छोटे-छोटे शिवालों और मंदिरों पर भी पुलिस की तैनाती की जाएगी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है।
वहीं चौराहों पर ट्रैफिक का संचालन सुगम रहे इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए सभी ट्रैफिक पुलिस के साथ, ट्रैफिक ब्रिगेड व होमगार्डों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। इस बार 13 एएसपी, 29 सीओ, 305 एसआई, 1950 कांस्टेबल, 230 महिला आरक्षी, 171 यातायात पुलिस की मांग की गई है।
इसके अलावा आरएएफ की दो कंपनी, पीएसी की आठ कंपनी मांगी गई है। पर्याप्त मात्रा में फोर्स को रिजर्व भी रखा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एसएसपी आनंद कुलकर्णी और एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने शनिवार को कैंट, कपसेठी चौराहा, मोहनसराय, राजातालाब, कछवा चौराहा, विहड़ा भदोही बार्डर तक स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन की व्यवस्था के संबंध में राजमार्ग व विभिन्न संस्थाओं के लोगों से बात की।