दिवाली से पहले 35 हजार उज्ज्वला लाभार्थियों ने अपना ई-केवाईसी नहीं कराया तो मुफ्त रसोई गैस सिलिंडर लेना भूल जाए। 31 अक्तूबर से पहले लाभार्थियों को अपना ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।
गैस कंपनियों की ओर से एजेंसी संचालक भी डोर-टू-डोर लाभार्थियों का ई-केवाईसी करवा रहे हैं। वहीं, जिन लाभार्थियों ने अपने पते, मोबाइल नंबर बदल दिए, उन्हें ढूंढ़ने में एजेंसी संचालकों को खासी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं।
दिवाली और होली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को एक-एक मुफ्त सिलिंडर देने की घोषणा शासन ने की है। इसमें सिलिंडर लेने वाले लाभार्थी के बैंक खाते में केंद्र सरकार 350 रुपये और प्रदेश सरकार 615 रुपये भेजेगी। यही पैसा देकर लाभार्थी रसोई सिलिंडर ले सकेंगी। जिले में 2.36 लाख उज्ज्वला लाभार्थी हैं।
अब तक 35 हजार लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इस कारण नेशनल पेमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआई) की वेबसाइट पर लाभार्थी के बैंक खाते से जुड़ी सूचना नहीं दर्ज हो सकी है।
एनपीसीआई के जरिये ही लाभार्थियों के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि भेजी जाती है। वाराणसी एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिन लाभार्थियों ने अपने पते, मोबाइल नंबर बदल लिए हैं, उन्हें ढूंढ़ने में दिक्कत हो रही है। इन लाभार्थियों को 31 अक्तूबर पर ई-केवाईसी कराना है।