हालांकि अब इस मामले में पत्रावलियों की जांच कराई जा रही है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि पत्रावलियों का परीक्षण कराया जा रहा है और बोर्ड ट्रस्ट ऑफ इंडिया को परीक्षण के लिए लिखा गया है। यदि यह भवन सरकार की संपत्ति है तो उसे अमल कराया जाएगा। यदि इसमें दूसरे पक्ष से भी पूछा जाएगा कि उनके दावे का आधार क्या है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय ने बातचीत कर मामला सुलझाने को कहा है। 15 दिसंबर को इस मामले में बातचीत की जाएगी।