इस मामले में ममता की मां गीता देवी ने 19 जून को मेंहनगर थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी पुत्री ममता 22 मई की रात करीब 8 बजे जहानागंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी मनोज यादव के साथ गई थी, इसके बाद वह लापता हो गई। परिजनों ने कई दिनों तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने घटना स्वीकार करते हुए बताया कि 22 मई को ही विवाद के दौरान धक्का लगने से युवती की मौत हो गई थी, जिसके बाद उसने शव को ताल में झाड़ियों के बीच छिपा दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शनिवार को बड़ैला ताल से ममता के शव को बरामद कर लिया। मृतका के चाचा छोटेलाल राजभर ने बताया कि शव का धड़ तो मिला है, लेकिन सिर अब तक गायब है। उन्होंने मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मेंहनगर थाने की पुलिस ने नहीं की पहले कार्रवाई
मृतका ममता के चाचा छोटेलाल राजभर ने बताया कि परिजनों ने 16 जून को मेंहनगर थाने पर तहरीर दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिस ने यह कहकर भाग दिया कि तुम लोग बेवजह किसी को फंसाना चाहते हो। इसके बाद पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जहां एसपी डा. अनिल कुमार ने सख्ती से मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर मेंहनगर थाने की पुलिस सख्त हुई और युवक को पकड़ कर सख्ती से पूछताछ शुरु की। आरोपी प्रेमी मनोज की निशानदेही पर ममता का शव बरामद हुआ।
आरोपी मनोज के जीजा ने दी थी हत्या की सूचना
मेंहनगर थाना क्षेत्र के नई गांव निवासी मृतका ममता मामले में एक नया पहलू सामने आया है। मृतका के चाचा छोटेलाल राजभर ने बताया कि आरोपी मनोज यादव के जीजा रितेश यादव ने ही परिवार को ममता की हत्या की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि रितेश यादव और मनोज के परिवार के बीच पहले से विवाद चल रहा है।
बताया जा रहा है कि रितेश यादव को पूर्व में कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजवाया गया था, जिसके कारण दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश बनी हुई है। चाचा छोटेलाल ने बताया कि आरोपी मनोज के जीजा रितेश यादव की बहन की शादी मनोज के घर के पास हुई है। बहन ने ही रितेश को बताया कि मनोज के परिवार के लोगों ने मिलकर ममता की हत्या की है। इसी जानकारी के आधार पर परिवार ने पुलिस को तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
जहानागंज थाना क्षेत्र के बड़ैला ताल से युवती का शव बरामद किया गया है। घटना के संबंध में तहरीर प्राप्त होने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी गई थी। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी मनोज यादव को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना से जुड़ी जानकारी स्वीकार की है। उसकी निशानदेही पर ही शव बरामद किया गया। कंकाल बरामद हुआ है। मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. अनिल कुमार, एसपी आजमगढ़।