इसके बाद परिजन दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने नैतिक को मृत घोषित कर दिया। यह सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। लालपुर-पांडेयपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लिया। बिजली की चपेट में आकर हुई मौत पर एसडीएम सदर भी राजस्व कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शासन से मिलने वाले आर्थिक सहायता राशि दिलवाने को आश्वस्त किया। पिता मनोज और अन्य परिजन बेसुध रहे। पति के निधन की सूचना मिलते ही पत्नी अचेत हो गई।
नैतिक गुप्ता उर्फ अंशु की दो साल पूर्व ही लालपुर-पांडेयपुर में शादी हुई थी। दोपहर में ही नैतिक के ससुर विक्रम अपनी बेटी के लिए खिचड़ी लेकर आए थे। उनके सामने ही दामाद की मौत हो गई। इस घटना ने विक्रम को हिलाकर रख दिया। गमगीन और बेसुध विक्रम यही कहते रहे कि ईश्वर ने इतना बड़ा अनर्थ क्यों कर दिया। नैतिक का आठ माह एक पुत्र है।
नैतिक गुप्ता की असमायिक मौत पर व्यापारियों ने दुख व्यक्त किया और परिजनों को सांत्वना दी। वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत के अध्यक्ष प्रमोद अग्रहरी, महामंत्री सनी जोहर, चंद्र भूषण दास, बबलू चौहान, बबलू गुप्ता, कन्हैया अग्रहरी आदि व्यापारियों ने घर पहुंचकर दुख की इस घड़ी में परिजनों को संबल प्रदान किया। वहीं मनोज अग्रहरि, राजेश वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह, जलद वर्मा, बबलू वर्मा, हैप्पी, आयुष यादव आदि व्यापारी मौजूद रहे।