केंद्र के साथ-साथ प्रदेश सरकार भी कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ रही है, लेकिन कुपोषण अभियान का असर दिखता नजर नहीं आ रहा है। वाराणसी के हरहुआ विकास खंड के गोसाईपुर गांव में शुक्रवार को जुड़वा कुपोषित बहनें मिलीं। जानकारी होने पर दोनों बच्चियों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया।
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गोसाईपुर गांव में शुक्रवार को नोडल अधिकारी डॉ. अब्दुल जावेद और मुख्य सेविका चंद्र कला पाठक स्वास्थ्य टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने दिनेश और उर्मिला की जुड़वा बच्चियों को देखा तो आश्चर्य चकित रह गए। दोनों बच्चियां हड्डियों के ढांचे की तरह नजर आ रही थीं। उन्होंने दोनों को तुरंत पं. दीन दयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया।
बता दें कि गोसाईपुर गांव के दिनेश और उर्मिला के घर 10 महीने पहले जुड़वा बच्चियों आराधना और साधना का जन्म हुआ था। दिनेश मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। खाने-पीने की समुचित व्यवस्था नहीं होने और गरीबी के कारण आराधना व साधना कुपोषण का शिकार हो गईं। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को हुई तो उन्होंने अधिकारियों को इससे अवगत कराया था।
जिले में कुपोषण के नए मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आंगनबाड़ी कर्मी की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है। वर्तमान में जिले में चार हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं।