मंदिर प्रशासन विधिवत पूजा-पाठ के बाद उन अस्थियों का विसर्जन गंगा में कराएगा। इसमें पूरी प्रक्रिया का वीडियो तैयार करके बुकिंग करवाने वाले व्यक्ति को भेजा जाएगा। इससे उन्हें पता चलेगा कि उन्होंने जिस आस्था के साथ बुकिंग की थी, वह पूर्णत: संपन्न हो गई।
योजना की तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही इसको आरंभ कर दिया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस योजना को मूर्त रूप देने की तैयारी है। इसके लिए ऑनलाइन सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।