वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दो एकड़ में साफ्टवेयर टेक्नालाजी पार्क की स्थापना की जाएगी। शहर में पांच करोड़ की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंफार्मेशन टेक्नालाजी (नाइलेट) का केंद्र खोलने की योजना है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
यह घोषणा केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को गेटवे होटल में की।
दशाश्वमेध एवं शीतला घाट पर वाईफाई नेटवर्क और कैंट डाकघर में डाक एटीएम का उद्घाटन करने आए केंद्रीय संचार मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि मीरघाट, त्रिपुरा भैरवी, मान मंदिर, राजेंद्र प्रसाद घाट, ललिता और मणिकर्णिका घाट तथा सारनाथ में मार्च तक वाईफाई नेटवर्क उपलब्ध करा दिया जाएगा। कहा कि शहर के 10 प्रमुख सार्वजनिक स्थलों को वाईफाई जोन में बदलने की योजना है। शहर में मोबाइल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए बीएसएनएल के टावरों की संख्या 275 से बढ़ाकर 339 की जाएगी और उसे इंटरनेट प्रोटोकाल नेटवर्क (आईपी) से जोड़ा जाएगा।
साथ ही बनारस जिला दूरसंचार के दायरे में आने वाली भदोही, बनारस और चंदौली की 872 ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने के लिए 1672 किलोमीटर लाइन बिछाई जाएगी। ऐसा होने पर बुनकर ई-कामर्स के जरिये अपना सामान दुनिया भर में बिना किसी बिचौलिए के हस्तक्षेप के बेच सकेंगे। इसमें डाक विभाग उनकी मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि काशी भजन के साथ-साथ कंप्यूटर का कारोबार भी करे और साफ्टवेयर टेक्नालाजी में दक्ष भी हो। मानव संसाधन मंत्रालय बीएचयू में दो एकड़ जमीन उपलब्ध करा रहा है लेकिन वहां भवन निर्माण के बाद ही साफ्टवेयर टेक्नालाजी पार्क की स्थापना हो पाएगी। यदि 50 हजार वर्ग फिट का भवन मिल जाए तो हम तत्काल पार्क की शुरुआत कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार देश को डिजिटल इंडिया से जोड़ने जा रही है।
इस मुहिम में सबको मिलकर काम करना चाहिए। किसी तरह का राजनीतिक विरोध या अवरोध नहीं होना चाहिए। देश साइबर नेटवर्क से जुड़ेगा तभी ई-कामर्स, ई-हेल्थ और ई-एजूकेशन की सुविधाएं सबको मुहैया कराई जा सकती हैं।