इस बार मकर संक्रांति दुर्लभ संयोग लेकर आएगी। शनिवार के दिन खिचड़ी का पर्व स्नान, दान और परंपरा के लिहाज से शुभाशुभ स्थिति उत्पन्न करेगा। शनिवार को खिचड़ी पर्व पर मणिकांचन योग बन रहा है। 14 जनवरी को मध्याह्न काल में 1.51 बजे भगवान भाष्कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे और शुभ घड़ी आरंभ हो जाएगी। मकर संक्रांति पर पुण्यकाल 16 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा। अयन संक्रांति के नाम से जानी जाने वाली मकर संक्रांति पर गंगा तट पर स्नान, दान का मेला लगेगा। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचेंगे।
संत, श्रद्धालु अभी से जुटने लगे हैं। उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्नान पर्व को देखते हुए नगर निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रमुख स्नान घाटों दशाश्वमेध घाट, प्रयाग घाट, शीतला घाट, अस्सी घाट, गायघाट, राजघाट, प्रह्लाद घाट समेत 11 घाटों पर बैरीकेडिंग कराई जाएगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु गहरे पानी में न जाने पाएं।
महावीर पंचांग के संपादक डॉ. रामेश्वर नाथ ओझा बताते हैं कि इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर पूरे दिन पुण्यकाल रहेगा। 40 घटी पूर्व यानी 16 घंटे पहले से ही स्नान आरंभ हो जाएगा। मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, लावा, चूड़ा, पट्टी के अलावा खिचड़ी और वस्त्र का दान कर श्रद्धालु पुण्य बटोरेंगे।
मकर संक्रांति पर खरमास उतरने के साथ ही बैंडबाजा, शहनाइयां गूंजने लगेंगी। विवाह मंडप सजने लगेंगे।शुभ मुहूर्त का इंतजार करने वाले परिवारों में खुशी का माहौल छा जाएगा। शुभ लग्नों की शुरुआत वैसे तो 15 जनवरी से ही शुरू हो जाएगी लेकिन उस दिन कुछ देर के लिए मृत्युवाण योग है।
ऐसे में इस लग्न से ज्योतिषियों ने परहेज की सलाह दी है। इसके अलावा 18, 20, 21, 22, 23, 24, 25 जनवरी के बाद पहली फरवरी को भी शुभ लग्न है।