मकर संक्रांति के लिए जिले के बाजारों में रौनक है। ठंड के बीच गजक, तिल के लड्डू और गुड़-पट्टी की खुशबू से बाजार सराबोर हैं। कारोबारियों के मुताबिक, इस वर्ष संक्रांति के अवसर पर गजक और तिलकुट का कारोबार 50 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में उछाल के कारण इस बार आम आदमी की जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लंका, भेलूपुर, रथयात्रा, विशेश्वरगंज समेत तमाम बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है।
दुकानदार रमेश कुमार के अनुसार इस साल तिल, गुड़ और मूंगफली के दामों में तेजी देखी गई है। इसका सीधा असर तैयार उत्पादों पर पड़ा है। गजक, तिलकुट और गुड़-पट्टी की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। व्यापारी मुकेश गुप्ता बताते हैं कि मजदूरी और परिवहन लागत बढ़ने के कारण उन्हें रेट बढ़ाने पड़े हैं, फिर भी ग्राहकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है।