लावारिस कार की डिकी से रुपये की बरामदगी के मामले में गोलमाल की जानकारी मिलने पर पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने एक जून को ही डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम को जांच सौंपी थी। साथ ही तत्कालीन थाना प्रभारी भेलूपुर रमाकांत दुबे का लाइन हाजिर कर दिया था। डीसीपी काशी जोन की रिपोर्ट के आधार पर अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) संतोष कुमार सिंह ने पांच जून को थाना प्रभारी रहे रमाकांत दुबे सहित सात पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद सातों पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
लावारिस कार से 92.94 लाख रुपये बरामद होने के बाद भेलूपुर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सहित सात पुलिस कर्मी बर्खास्त कर दिए गए। बर्खास्त पुलिस कर्मियों को लेकर महकमे में शनिवार को जबरदस्त चर्चा रही। पुलिस कर्मियों का ही कहना था कि पैसे की गिनती सीसी कैमरे के सामने हुई थी। जितनी बरामदगी दिखाई गई है, पैसा उससे कहीं ज्यादा था। हिस्से में मिलने वाले पैसे को लेकर असंतुष्ट एक दरोगा ने एक अफसर से पूरे प्रकरण के बारे में चर्चा कर दी। इसके बाद बाजी पूरी तरह से पलट गई।
पैसा कोई और दबा ले गया और कार्रवाई की जद में सात पुलिस कर्मी आ गए। एक पुलिस कर्मी ने इसे कहावत से भी जोड़ा और कहा कि वाराणसी में कहा जाता है कि खेत खाए गधा और मारा जाए जुलाहा। इस पूरे प्रकरण में दंडित पुलिस कर्मियों की स्थिति ऐसी ही रही है।