शिया जामा मस्जिद के हाजी फरमान हैदर ने कहा कि जो अल्लाह से डरता है वो किसी से नहीं डरता है। बंदों की खिदमत वही करता है जो अपने रब की इबादत करता है। वह गुरुवार को जिलकादा के आखिरी जुमेरात पर दरगाह-ए-फातमान में मजलिस को खिताब कर रहे थे। इमाम हुसैन की शहादत का वाकिया सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं।
आखिरी जुमेरात पर शिया समुदाय ने मजलिस और दुआख्वानी के जरिये इमाम खुमैनी और इब्राहिम रईसी को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में लोगों ने दुआख्वानी में हिस्सा लिया। कलाम पेश करने वालों में नजाकत बनारसी, समर बनारसी, हैदर मौलाई शामिल रहे।