अपने विद्यार्थी जीवन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के पदाधिकारी के रूप में उन्होंने हमेशा पढ़ाई के मुद्दे पर कुलपति से बात की। शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को इस ढंग से तैयार करें कि उनकी प्रतिभा निखर सके।
विशिष्ट अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि राजर्षि ने जीवन में अनुशासन को बहुत महत्व दिया है। हमें इसका ध्यान रखना होगा। एक छोटी सी भूल या असावधानी से छवि बिगड़ती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति और प्रबंध समिति के अध्यक्ष डीपी सिंह ने की। इस मौके संयुक्त सचिव केपी सिंह रहे। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डा. विजय बहादुर सिंह ने किया। संचालन डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने किया।