शहर भर में विभिन्न संस्थाओं और पार्टियों ने किया याद
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सोमवार को वाराणसी के बेनियाबाग में गांधी चबूतरे से लेकर कुष्ट आश्रमों तक पुष्पांजलि और सेवा का दौर चला। कहीं दीप जले तो कहीं परिचर्चाएं हुईं। शैक्षिक संस्थाओं, राजनीतिक संगठनों ने बापू को याद किया। इस मौके पर बापू के आदर्श को जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भजनों के माध्यम से बापू को याद किया गया। मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय में बापू को नमन किया गया। मातेश्वरी बालिका इंटर कालेज गंगा नगर कालोनी आदमपुर की ओर से श्री गंगा कुष्ठ आश्रम भदऊं में सेवा शिविर और सर्व धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई।
उत्तर प्रदेश जनकष्ट निवारण संघर्ष समिति ने कबीर रोड पिपलानी पर राजेश खत्री ने गोष्ठी कर बापू को याद किया।
पूर्वांचल मूवमेंट ने कैंटोमेंट छावनी में राजेश आजाद की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा की।
डर्बीशायर क्लब की ओर से सोमवार को बेनियाबाग में चबूतरे पर राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई। इसकी अध्यक्षता कर रहे क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने कहा कि जिस बापू ने हमें आजादी दिलाई थी। उस बापू की समाधि उपेक्षापूर्ण है।
बनारस बार एसोसिएशन के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में कैंडल मार्च निकाला।
इसके बाद गेट नंबर तीन पर महात्मा गांधी के कटआउट के सामने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने महात्मा गांधी को याद करते हुए उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।
गांधी अध्ययनपीठ में सर्वधर्म प्रार्थना
शहर भर में विभिन्न संस्थाओं और पार्टियों ने किया याद
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भजनों के माध्यम से बापू को याद किया गया। प्रशासनिक भवन के सामने पुष्पांजलि के बाद गांधी अध्ययनपीठ में सर्वधर्म प्रार्थना सभा के माध्यम से लोगों ने बापू द्वारा दिए गए मानवता, एकजुटता के संदेश को प्रसारित किया।
गांधी अध्ययनपीठ सभागार में नीची बाग स्थित गुरुद्वारे से आए रागी बंधुओं ने गुरुवंदना तो मौलाना मिराज अहमद ने सुरा का पाठ किया।
संगीत विभाग की छात्रा अनु सिंह और उनकी टीम ने वैष्णव जन जो तेने कहिए की प्रस्तुति के बाद पायो जी मैने राम रतन धन पायो के साथ ही रामधुन रघुपति राघव राजा राम की प्रस्तुति के बाद से बापू को याद किया।
इस दौरान कार्यवाहक कुलपति प्रो.एसएन चतुर्वेदी, कुलसचिव ओमप्रकाश, गांधी अध्ययनपीठ के निदेशक प्रो. रामप्रकाश द्विवेदी, प्रो.एसबी सिंह, प्रो. मंजुला चतुर्वेदी, डॉ. संगीता घोष सहित कई लोग मौजूद रहे। उधर मानविकी संकाय के जिस कमरे में बापू ने स्वतंत्रता आंदोलन के समय एक सप्ताह तक निवास किया था वहां भी बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर बापू के बताए मार्गों पर चलने का लोगों ने संकल्प लिया।