भगवान शिव को फूलों में प्रिय मदार, वेलपत्र व धतुरा भी है। महाराशिवरात्र पर इसकी मांग बढ़ जाती है। बनारस में मदार की फसल तैयार न होने से व्यापारियों ने कोलकाता से मगा रहे हैं। गुरुवार को विभिन्न ट्रेनों से वहां से तीन लाख से अधिक मदार की माली लाई गई।
महाशिवरात्रि को देखते हुए गुरुवार को कोलकाता से तीन लाख से अधिक मदार की माला फूल मंडियों में पहुंची। बाहर के व्यापारियों ने खरीदारी की। लोकल खरीदार कम दिखे। मदार के साथ ही गेंदा की माला का भाव चढ़ा था। करीब 40 प्रतिशत की तेजी रही। वेलपत्र, धतूरा, कुंद की लर, गुलाब के दाम में 50 प्रतिशत तक की वृद्घि हुई। लगन से भी फूलों में तेजी है।
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भगवान शिव को फूलों में प्रिय मदार, वेलपत्र व धतुरा भी है। महाराशिवरात्र पर इसकी मांग बढ़ जाती है। बनारस में मदार की फसल तैयार न होने से व्यापारियों ने कोलकाता से मगा रहे हैं। गुरुवार को विभिन्न ट्रेनों से वहां से तीन लाख से अधिक मदार की माली लाई गई। पूर्वांचल के व्यापारियों ने मदार से सहित अन्य फूलों की खरीदारी की। इंग्लिशिया लाइन फूलमंडियों के थोक व्यापारियों का अनुमान है कि शुक्रवार को भी तीन लाख से अधिक मदार की माला कोलकाता से आएगी, जिसे आसपास जिलों में भेजी जाएगी। व्यापारी संतोष पाल, ईश्वरचंद्र व फिरोज विश्वास ने बताया कि शिवरात्रि व लगन से फूलों की मांग बढ़ी है। थोक में बड़ा गेंदा की माला दो से तीन हजार रुपये सैकड़ा, छोटा चार से पांच सौ रुपये सैकड़ा बिकीं। वेलपत्र डेढ सौ और धतूरा ढाई सौ रुपये किलो बिक्री हुई। गुलाब की माला काफी महंगा था। यह तीन से चार हजार रुपये सैकड़ा थी। जबकि गुलाब का फूल तीन सौ रुपये किलो और कुंद की लर चार सौ सैकड़ा बिकी।
फसल अच्छी होने से आवक बढ़ी
कोरोना काल के दौरान फूलों की फसल खराब होने से किसानों ने पिछले साल इसकी खेती कम कर दिए थे, लेकिन अब इसकी खेती बढ़ने से उत्पाद भी बढ़ी है। इसलिए हर फूलों की खेती अच्छी है। सिंधोरा के किसान राम सिंह और लोहता के अवधेश मौर्य ने बताया कि मौसम भी फूलों के अनुकूल है। इसलिए फसल अच्छी है। गेंदा की कली फूल की माला महंगा बिक रही है।
फलों की आवक बढ़ी, केले में तेजी
महाशिवरात्रि से बृहस्पतिवार को भी पहड़िया मंडी में फलों की आवक बढ़ी थी। अंगूर, कीनू, सेब ज्यादा आया था। विभिन्न फलों के करीब 70 गाड़ी आई थी। बनारस के अलावा आसपास जिलों के व्यापारी खरीदारी किए। केले के भाव में तेजी बरकरार है।
ठंड से फलों की बिक्री धीमी थी। आवक भी कम थी। अब इसमें तेजी आई है। महाशिवरात्रि की वजह से बुधवार से मंडी में फलों की आवक बढ़ गई है। वृहस्पतिवार को अंगूर 14 गाड़ी, कीनू 16 गाड़ी, सेब 16 गाड़ी, संतरा सात गाड़ी, मोसम्मी पांच गाड़ी, अनानास तीन गाड़ी, अनार दो गाड़ी, तरबूज सात गाड़ी आई थी। जबकि केले की एक भी गाड़ी नहीं आई थी। थोक व्यापारी संतोष सिंह और अरविंद सोनकर ने बताया कि फलों के दाम में वृद्घि नहीं हुई है। मगर केले में तेजी है। फुटकर में 60 से 70 रुपये दर्जन बिक रहा है। जबकि अंगूर 60 से 80 रुपये किलो है।
बारिश केले की फसल हुई है खराब
दक्षिण भारत में बारिश से आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र में केले की फसल प्रभावित होने से इसकी आवक घट गई है। मंडी के व्यापारी रवींद्र ने बताया कि आवक घट गई है। फसल प्रभावित होने इसकी निकासी कम है। किसान ही 24 से 28 रुपये किलो बेच रहे हैं। यहां लाने और पकाने का खर्च बढ़ने से और महंगा हो जाता है।
फल मूल्य, रुपये व किलो में
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केला 60-70
अंगूर 60-80
सेब 120-150
संतरा 60-80
कीनू 70-80
अमरूद 50-60
अनार 80-150
पपीता 40-50
मोसम्मी 50-60
वेर 50-70
अनानास 50-60 पीस