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महाशिवरात्रि: बाबा को पहली बार नागा साधु लगाएंगे मेवाड़ से लाई हल्दी, काशी में लगाएंगे 56 भोग; जानें खास

Sun, 23 Feb 2025 04:30 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

फाल्गुन मास की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी पर यानी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इससे पहले शिव-पार्वती के विवाह का उत्सव 24 फरवरी को शुरू हो जाएगा।
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बाबा का पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Mahashivratri 2025 : टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर बाबा की पंचबदन प्रतिमा को मेवाड़ से आई हल्दी लगाई जाएगी। पहली बार नागा साधु इस हल्दी की रस्म में शामिल होंगे। 

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ये हल्दी श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के नागा साधु महाराणा प्रताप की धरती मेवाड़ से खुद लेकर आए हैं। काशी लाने से पहले उन्होंने महाकुंभ्ा प्रयागराज में इस हल्दी को पूजित किया। ये नागा साधु बाबा को हल्दी चढ़ाएंगे। इस दौरान बाबा को 56 भोग भी लगेगा। बाबा के रजत विग्रह के समक्ष हल्दी तेल का लोकाचार नागा साधु निभ्ााएंगे। 

अखाड़े के दिगंबर खुशाल भारती ने बताया कि मेवाड़ से हल्दी मंगाकर कुंभ में इसका विधिवत पूजन हुआ। फिर ये हल्दी काशी लाई गई है। 24 फरवरी को आराध्या एकनाथ लिंग महाराज के नेतृत्व में नागा साधु पूर्व महंत के आवास पहुंचकर संध्याबेला में बाबा को हल्दी अर्पण कर भोग लगाएंगे।  
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वसंत पंचमी पर बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ की प्रतिमा के समक्ष तिलकोत्सव की परंपरा का निर्वाह किया गया था। अब 24 फरवरी को हल्दी की रस्म के लिए गवनहिरयों की टोली संध्या बेला में महंत आवास पर जमा होगी। एक तरफ मंगल गीतों का गान के बीच बाबा को हल्दी लगाई जाएगी। 

यह रस्म विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के गोलोकवास होने के बाद पहली बार उनकी पत्नी मोहिनी देवी के सानिध्य में वंश परंपरानुसार उनके पुत्र पं. वाचस्पति तिवारी निभाएंगे। हल्दी के पारंपरिक शिव गीतों में दूल्हे की खूबियों का बखान होगा।

शिवाजंली के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि निरंजनी अखाड़े के नागा साधु मेवाड़ से हल्दी लाए हैं, जिसे महाकुंभ में विधिवत पूजा की गई है। 10 मार्च को रंगभरी एकादशी काशीवासियों द्वारा बाबा की पालकी (गौना यात्रा) तक अनवरत चलती रहेगी।

महाशिवरात्रि से पहले शिवपुराण की बढ़ी मांग
महाशिवरात्रि में शिवपुराण पढ़ने का विशेष महत्व होता है। इन दिनों गीता प्रेस में शिवपुराण की खूब खरीदारी हो रही है। जहां आम दिनों में रामचरितमानस और महाभारत ज्यादा लोकप्रिय होता है, वहीं इस महीने 100 से ज्यादा शिवपुराण के ऑर्डर आ चुके हैं। विदेश में रहने वाले भारतीय ऑनलाइन खरीद रहे हैं। 

शिवपुराण का दाम 1500 रुपये है, विदेशी ग्राहक 3000 रुपये से ज्यादा शिपिंग चार्ज देकर शिवपुराण मंगा रहे हैं। गीता प्रेस के मैनेजर विजय शर्मा ने बताया कि इन दिनों शिवपुराण की विशेष मांग है। इसमें कुछ दक्षिण भारतीय भी तमिल भाषा में शिवपुराण को खरीद रहे हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यू जर्सी, न्यूजीलैंड, यूएसए, यूके  से भी  ऑनलाइन ऑर्डर आ रहे हैं। 

इस दिन ये निभाई जाएगी रस्म
  • 24 फरवरी : बाबा की हल्दी
  • 26 फरवरी : महाशिवरात्री (शिव-विवाह)
  • 7 मार्च : माता गौरा की हल्दी
  • 8 मार्च : लोकाचार मंगल सगुन
  • 9 मार्च : गौना के लिए बाबा का आगमन
  • 10 मार्च : रंगभरी एकादशी
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सीईओ ने लिया धाम की तैयारियों का जायजा
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर होने वाली पूजा और आरती की तैयारी के साथ ही धाम को भव्य रूप से सजाने का काम तेज गति से जारी है। मंदिर प्रांगण में चल रही तैयारियों की न्यास के अधिकारी सतत निगरानी कर रहे हैं। मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र और डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने शनिवार को गेट नंबर- 4 से गंगा द्वार तक तैयारियों का जायजा लिया। सीईओ ने दर्शन पूजन के लिए कतार में लगे श्रद्धालुओं से संवाद कर व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया।

प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास व्यवस्था दुरुस्त कराएं : सीडीओ
महाशिवरात्रि की तैयारियों के मद्देनजर सीडीओ हिमांशु नागपाल ने मार्कंडेय महादेव मंदिर, शूलटंकेश्वर मंदिर, रामेश्वर मंदिर, पंचकोशी मार्ग में पड़ने वाले सभी मंदिरों के आसपास व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। शनिवार को उन्होंने सभी ग्राम पंचायत सचिव, बीडीओ, एडीओ पंचायत के साथ वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन मंदिरों में समस्त व्यवस्थाएं समय से पूरी कराएं। 
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