शिवभक्तों की आस्था के सबसे बड़े उत्सव महाशिवरात्रि पर काशीपुराधिपति अनवतर 45 घंटे तक के लिए जागेंगे। 8 मार्च की सुबह मंगला आरती के बाद देवाधिदेव महादेव की शयन आरती नौ मार्च की रात होगी। इस दौरान मंदिर के चारों द्वार से भक्तों के लिए झांकी दर्शन की व्यवस्था होगी।
अयोध्या में रामलला के नूतन-मनोहर धाम में उमड़ रही भीड़ और फिर काशी का रूख कर रहे देश दुनिया के भक्तों की आस्था को देखते हुए महाशिवरात्रि पर सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ का आंकलन किया गया है।
आस्था के महाआयोजन के लिए काशी विश्वनाथ धाम में व्यवस्था तैयार की जा रही है। सुगम दर्शन और आरती की व्यवस्था पर मंदिर प्रशासन मंथन में जुटा है और तीन मार्च तक इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उधर, भीड़ को देखते हुए प्रशासन वीआईपी के लिए जलमार्ग से ही धाम की यात्रा कराएगा। इसके लिए भी नमो और रविदास घाट पर जलयानों की व्यवस्था की जा रही है।