वाराही शक्तिपीठ भी काशी में
प्रखर आश्रम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर प्रखर महाराज ने दावा किया कि काशी में एक नहीं दो-दो शक्तिपीठ हैं। एक माता विशालाक्षी का और दूसरा वाराही देवी का। वाराही शक्तिपीठ को लेकर जो अनिर्णीत विवाद है, उसका समाधान यही है कि वह शक्तिपीठ और कहीं नहीं अपितु काशी में ही है।
शास्त्रों में वर्णन है कि वाराही देवी पंचसागर में अवस्थित हैं, जिस प्रकार का वर्णन है और जो मान्यता उनके महाराष्ट्र में होने की है वहां जाने पर ऐसा कुछ नहीं मिलता है। काशी में पंचगंगा घाट पर पांच नदियों का संगम होता है, इससे यह सिद्ध होता है कि वाराही देवी शक्ति पीठ काशी में ही विराजमान हैं।
महासमागम में 51 शक्तिपीठ की एकता का निकलेगा मार्ग
सेंटर फॉर सनातन रिसर्च एवं ट्राइडेंट सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रमन त्रिपाठी ने कहा कि आयोजन में सनातन धर्म के प्रमुख स्थलों के बीच सामंजस्य की कमी और प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा होगी। इस समागम का उद्देश्य न केवल धर्मस्थलों के बीच एकता स्थापित करना है, बल्कि सनातन धर्म के प्रचार और संरक्षण को बढ़ावा देना भी है। पाकिस्तान और बांग्लादेश में शक्तिपीठों की स्थिति ठीक नहीं है। अगर हमारे शक्तिपीठों में एकता होती तो उनकी ऐसी स्थिति नहीं होती।
भारत आने से पहले ही गिरफ्तार हुए बांग्लादेश के तीन प्रतिनिधि
सेंटर फॉर सनातन रिसर्च एवं ट्राइडेंट सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रमन त्रिपाठी ने बताया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रतिनिधि बनारस आए हैं। बांग्लादेश से छह प्रतिनिधि बनारस आ रहे थे, लेकिन उसमें से तीन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं पाकिस्तान से दो प्रतिनिधि इस महासमागम में शामिल हो रहे हैं। सुरक्षा कारणों से उनको आम जनता के बीच नहीं लाया गया है।