मारवाड़ी संघ भवन लक्सा में रामकथा के दौरान सजी राधा कृष्ण की झांकी।
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कथा मर्मज्ञ शंभु शरण लाटा महाराज ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में एक सद्गुरु जरूर होना चाहिए। सच्चा संत सृष्टि तो नहीं बदलता सकता है, लेकिन दृष्टि जरूर बदल देता है।
डोकानिया गौ सेवा गोविंद सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से लक्सा स्थित मारवाड़ी समाज भवन में चल रही श्रीरामकथा के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा की जीवन में लज्जा का भाव बहुत महत्वपूर्ण है। समाज में जितनी निर्लज्जता होगी, उतनी ही अशांति बढ़ेगी। धर्म और कर्म पर कभी लगाम न लगाओ। अगर, धर्म की सिर्फ पूंछ भी पकड़ ली तो भवसागर पार कर जाओगे।
संत लाटा ने कहा कि मान-अपमान सिर्फ मन का भेद है। इस मनुष्य जन्म का सदुपयोग करो, इसे राग द्वेष में ना लगाओ। जीवन को पुरुषार्थ में लगाओ। इसके लिए श्रद्धा और विश्वास की आवश्यकता है और जब यह दोनों हो जाता है तो ज्ञान स्वतः ही प्राप्त हो जाता है।
शाम को वृंदावन से आई श्रीराधा कॄष्ण लीला संस्थान के कलाकारों ने फूलों की होली खेल शिव विवाह का उत्सव मनाया। इस दौरान कथाप्रेमियों ने नृत्य भी किया। रामायण का सामूहिक पाठ हुआ। मुख्य यजमान सजन कुसुम डोकानिया एवं कुसुम देवी डोकानिया ने व्यासपीठ का पूजन किया। अंत में आरती में अंकित डोकानिया, पारुल डोकानिया, आलोक डोकानिया, काजल डोकानिया, श्वेता मुरारका आदि रहीं।