काशी के 56 साल पुराने महामूर्ख मेले में कलाकारों के उल्टे-पुल्टे अभिनय ने दर्शकों को खूब हंसाया। राजेंद्र प्रसाद घाट पर हथकड़ी लगाकर मुख्य कलाकारों का सम्मान किया गया। शादी के बाद अलग होने से पहले लोगों ने पत्नी को घर में नीला ड्रम रखने की सलाह दे डाली। बूढ़े-पुरनियों ने कहा कि पति नहीं पसंद आ रहा है तो नीला ड्रम मंगवा लो, छोड़ क्यों रही हो।
वहीं पंडित जी ने शादी के मंत्र में सो ब्यूटीफुल लाइफ कहकर आशीर्वाद दिया। साइबर क्राइम क्राइम की थीम पर हो रहे इस कार्यक्रम में पुलिस ने साइबर ठगों के चक्रव्यूह से बाहर आने की सलाह दी। कहा कि ठगों से हो रही बातचीत को बीच में ब्रेक करने से हमारी मानसिक क्षमता में इजाफा होगा।
राजकीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव शक्ति प्रसाद द्विवेदी दुल्हन और उनकी पत्नी डॉ. नेहा द्विवेदी दूल्हा बनीं। गर्दभ ध्वनि से सम्मेलन का श्रीगणेश हुआ तो मंडप में दूल्हा बनी महिला का सम्मान किया गया। पुरुष काे दुल्हन बनाया गया। बंगाली शादियों की परंपरा वाला मुकुट पहनकर दूल्हा बनी महिला बनकर बारात लेकर पहुंची।
दुल्हन बने डॉ. द्विवेदी के साथ रस्म अदायगी के लिए बैठे तो पंडित और कवि और शायर अगड़म बगड़म शेरो शायरी के साथ रस्म पूरी करवाते नजर आए। कुछ ही देर में शादी टूट भी जाती है। दुल्हा ने दुल्हन को स्वीकारने से इसलिए मना कर दिया, क्योंकि वह मोटी है। दूल्हे ने यह भी आरोप लगाया कि दुल्हन की मूंछें हैं और टकली है।
काफी मनुहार के बाद भी मानने को तैयार नहीं हुए तो घर में नीले ड्रम और सीमेंट रखने की बात कही गई। इस सम्मेलन में महफिल भी सजी। बनारस समेत पूरे प्रदेश भर से आए शायरों ने खूब हंसाया। जमकर शेरो शायरी और व्यंग्य के बाण चले। राजस्थानी कालबेलिया नृत्य ने खूब नचाया कार्यक्रम के बाद मंच पर काशी की नृत्य परंपरा को आगे बढ़ाया गया।
कंटीन्यूटी तोड़ें नहीं तो मूर्ख बनेंगे आप
महामूर्ख सम्मेलन में साइबर ठगों के हाथों में मूर्ख बनने से रोकने कवायद हुई। उत्तर प्रदेश पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि साइबर क्राइम के चक्रव्यूह में फंसने से बेहतर है कि उसकी कंटीन्यूटी तोड़ें।
क्योंकि साइबर क्रिमिलन आपको अपनी बातों में फंसाकर आपका नुकसान करता ही जाएगा। लेकिन आप इस चेन को ब्रेक करते हैं तो इससे आपकी मेंटल एबिलिटी बेहतर होगी। आप पुलिस से सहायता मांगेंगे और खुद को सुरक्षित रख सकेंगे।
इन्होंने दी प्रस्तुतियां
देश के ख्याति प्राप्त रचनाकारों, हास्य कवियों और कलाकारों का हथकड़ी, माला आदि से सम्मान किया गया। पुरोहित रोहित और बृजेश सिंह पाठक बने। प्रवीण विश्वास ने नाउन की भूमिका अदा की। काव्य पाठ करने वाले कवियों में मुख्य रूप से अखिलेश द्विवेदी, सौरभ जैन सुमन, बिहारी लाल अंबर, सुदीप भोला, बादशाह प्रेमी और दमदार बनारसी आदि ने लोगों को खूब गुदगुदाया।