महाकुंभ: प्रदूषण मुक्त महाकुंभ के लिए काशी प्रांत से जाएंगी एक लाख थालियां
- देशभर से जुटाई जा रही हैं 20 लाख स्टील की थालियां, बांटे जाएंगे गिलास भी
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। महाकुंभ में अब चंद दिन बचे हैं। महाकुंभ को भव्य, नव्य और दिव्य बनाने की तैयारी है। इस बार कुंभनगरी को प्रदूषण मुक्त बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पहली बार मठों और शिविरों में 20 लाख थालियां और पांच लाख गिलास दिए जाएंगे। इसके लिए देशभर से थालियां मंगाई जा रही हैं। इसमें काशी प्रांत से एक लाख थालियां जाएंगी।
कुंभ मेला क्षेत्र टेंट सिटी के रूप में तब्दील हो चुका है। 13 अखाड़ों के धर्मध्वज लहराने के साथ उनके पेशवाई भी शुरू हो गई है। नागा साधु-संत शिविरों में प्रवेश करने लगे हैं। वहीं, प्रशासन के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अपने स्तर से तैयारी कर रहा है। पहली बार कुंभ में देशभर से थालियांं जुटाई जा रही हैं। इसके लिए विभिन्न प्रांतों से थालियां आ रही हैं। आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पर्यावरण गतिविधि के संयोजक अजय ने बताया कि अभियान चलाकर देशभर से थालियां इकट्ठा की जा रही हैं। करीब 20 लाख थालियां जुटाए जाने की तैयारी है। अभी करीब साढ़े छह लाख थालियां पहुंच चुकी हैं। उम्मीद है कि कुंभ शुरू होने से पहले इकट्ठा कर ली जाएंगी। इसके लिए काशी प्रांत से एक लाख से अधिक थालियां जाएंगी। करीब 25 लाख से अधिक थैले भी बांटे जाएंगे।
स्वयंसेवक दिखाएंगे राह
कुंभ मेला में श्रद्धालुओं को राह दिखाने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। आरएसएस के स्वयंसेवक हर प्वाइंट पर लगे रहेंगे। अजय ने बताया कि वे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए जाने और बाहर आने तक के लिए मार्ग दर्शक के रूप में कार्य करेंगे। इसके लिए संघ के सभी प्रांतों से स्वयंसेवकों को बुलाए जाएंगे।