सोमवार को करीब 8 घंटे लाइन में लगने के बाद श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन मिल सके। देर रात भक्तों की भीड़ कम न होने की वजह से मंगलवार की आधी रात एक बजे तक मंदिर खुला रहा। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा के अनुसार भक्तों की बढ़ी भीड़ और उनकी सुविधा के लिए दर्शन का समय बढ़ाया गया।
लगातार 22 घंटे चले दर्शन
रात 2:15 बजे मंदिर फिर से खुला। 22 घंटे लगातार भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। भोर में 2:45 बजे मंगला आरती शुरू हुई। मंगला आरती के बाद दर्शन पूजन का सिलसिला फिर शुरू हो गया। मंगलवार को भी देर रात तक दर्शन कराए जाएंगे। इससे पहले सोमवार को दोपहर में दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया रूट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। ऐसा पहली बार हुआ।