फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: गंगा स्नान के लिए काशी के 11 घाट खतरनाक, महाकुंभ से आ रहे श्रद्धालु इन बातों का रखें ध्यान

Tue, 21 Jan 2025 03:24 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में महाकुंभ का पलट प्रवाह शुरू हो गया है, लेकिन घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा का हाल बदतर है। काशी के 11 घाट गंगा स्नान के लिए खतरनाक हैं। ये वो घाट हैं जो गड्ढे, बोल्डर, कंकड़ के चलते स्नान के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
विज्ञापन
निषादराज घाट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के बाद काशी में श्रद्धालुओं का प्रलट प्रवाह शुरू हो गया है। इसके बावजूद भी गंगा किनारे कई घाट स्नान के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इन घाटों के नीचे गड्ढे, बोल्डर और कंकड़ होने से यहां डूबने का खतरा अन्य घाटों की अपेक्षा अधिक है।
विज्ञापन


गंगा के 88 घाटों में से 10 से 12 घाटों पर ही अधिक भीड़ होती है। इन घाटों पर लोगों के डूबने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। इसके बाद भी व्यवस्थाएं नहीं हो पाई हैं। जानकारी के अभाव में हादसे भी हो रहे हैं। 

जिन घाटों पर अधिक भीड़ होती है, वहां जेटी पर स्नान की व्यवस्था कराने पर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है। जेटी में ही कुंड बनाकर अलग से गंगा में उतरने की अनुमति न दें। नाविकों को प्रशिक्षण देकर सभी नावों का पंजीकरण, क्षमता का निर्धारण करें।
विज्ञापन

काशी के खतरनाक घाट - फोटो : अमर उजाला
स्नान के लिए सुरक्षित घाट
दशाश्वमेध, शीतला घाट, पंचगंगा, रानी घाट, सक्का घाट, हरिश्चंद्र, मणिकर्णिका, भोंसले, रामघाट, आदि केशव, रामघाट।

ये है वजह
  • इन घाटों पर भीड़भाड़ अधिक होती है। यहां पर डूबने की घटनाएं यदा-कदा होती हैं।
  • घाटों की सीढि़यां चौड़ी हैं। यहां कई जगहों पर रस्सी बांधी गई है। इसे पकड़कर श्रद्धालु स्नान करते हैं।
  • इन घाटों के नीचे बालू और मिट्टी समतल है। इससे गंगा स्नान करने वालों के लिए सुरक्षित माना जाता है।

स्नान के लिए खतरनाक घाट 
तुलसीघाट, केदारघाट, अहिल्याबाई, मानमंदिर, मीरघाट, ललिता घाट, सिंधिया, प्रह्लाद घाट, राजघाट, नमो घाट, सिंधिया घाट

ये है वजह
  • कुछ घाटों की सीढ़ियां खड़ी और ऊंची हैं। यहां दशाश्वमेध और अस्सी घाट की अपेक्षा कम भीड़ होती है।
  • कुछ घाटों में पानी के अंदर गड्ढे और बोल्डर हैं। इसमें फंसने से लोग डूब जाते हैं।
  • कुछ घाटों पर पानी टकराता है। इससे यहां भंवर बनने का खतरा होता है।
विज्ञापन

काशी के खतरनाक घाट - फोटो : अमर उजाला
इन प्रोटोकॉल का पालन नहीं
  • गंगा घाट पर स्नान या पानी में उतरने वालों के लिए चेतावनी के लिए बेहतर उपाय नहीं हैं।
  • घाट की दीवारों पर लगे चेतावनी बोर्ड लगे हैं दिखते ही नहीं है।
  • पानी में उतरने और गहराई तक जाने वालों को रोकने की व्यवस्था नहीं।
  • सभी घाटों पर सतर्कता के बोर्ड नहीं लगाए गए।

इन पर ध्यान देने की आवश्यकता
  • घाटों पर गंगा में रस्सी बांधी जाए, ताकि लोग इससे आगे जाकर स्नान न करें।
  • घाट के हिसाब से गोताखोरों की मैपिंग होनी चाहिए।
  • घटनास्थल के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाएं, जो स्पष्ट दिखाई दें।
  • सभी घाटों पर सार्वजनिक सूचना की व्यवस्था की जाए।
  • पिछले तीन साल में जिन घाटों पर डूबने की घटनाएं ज्यादा हुईं, वहां एलईडी स्क्रीन के जरिये बचाव की जानकारी दें।
  • सभी घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें