ग्रामीण क्षेत्र की 25% फोर्स लगेगी विश्वनाथ धाम के आसपास
पुलिस आयुक्त ने कहा कि कमिश्नरेट के ग्रामीण क्षेत्र की 25% फोर्स को भी विश्वनाथ धाम के आसपास और ललिता घाट व उसके आसपास के क्षेत्र में लगाई जाए। सावन माह की तरह सेक्टर और जोनल स्कीम लागू की जाए।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग करे। पुलिसकर्मियों को अफसर मौके पर ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के लिए ब्रीफ करें। इसके बाद पुलिस आयुक्त अन्नपूर्णा मंदिर और कालभैरव मंदिर परिसर का भ्रमण किए। अन्नपूर्णा मंदिर में कुंभाभिषेक समारोह की तैयारी और आवश्यक पुलिस व्यवस्था के प्रबंध में महंत शंकर पुरी से बातचीत की।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लगी भक्त की लाइन के बीच लाश लेकर मणिकर्णिका घाट जाते लोग।
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सोनारपुरा से गोदौलिया नहीं जाएंगे चारपहिया वाहन
एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने बताया कि सोनारपुरा से ही चारपहिया वाहनों को गोदौलिया नहीं आने दिया जाएगा। गोदौलिया में काशी चाट भंडार के समीप खाली जमीन में पुलिस के वाहन खड़े होंगे। गोदौलिया से मैदागिन मार्ग के साथ ही रामापुरा, पांडेयहवेली और दशाश्वमेध रोड भी नो व्हीकल जोन घोषित है।
विश्वनाथ मंदिर में 4.05 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड जनवरी में दूसरी बार बना है। एक जनवरी 2025 को जहां 7.43 लाख श्रद्धालु आए थे, वहीं 25 जनवरी को 4.05 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह तक मुश्किल से पहुंचा जा सका।
प्रयागराज महाकुंभ से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को गोदौलिया और चौक के आसपास दो से तीन किलोमीटर की लंबी लाइन लगी रही। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर हर हर महादेव का जयघोष करते रहे।
सुबह मंगला आरती के बाद शुरू दर्शन-पूजन का सिलसिला रात 11 बजे तक चलता रहा। तमाम श्रद्धालु ऐसे रहे, जो दो घंटे बाद बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन पा सके। गेट नंबर चार, गंगा द्वार और सरस्वती फाटक की ओर श्रद्धालुओं की भीड़ सबसे ज्यादा रही। उधर, बाबा कालभैरव मंदिर में भी दर्शन के लिए भीड़ रही।
गोदौलिया चौराहा होते हुए विश्वनाथ धाम के आगे तक पैदल चलना भी मुश्किल
महाकुंभ के पलट प्रवाह के कारण शनिवार को गोदाैलिया और मैदागिन के आसपास की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। हालत यह थी कि गिरजाघर से गोदौलिया चौराहा होते हुए विश्वनाथ धाम के आगे तक पैदल चलना भी मुश्किल प्रतीत हो रहा था। यही स्थिति दशाश्वमेध से गोदौलिया चौराहा मार्ग की भी थी। इसके चलते इस इलाके के इर्द-गिर्द की भी सड़कें और गलियां चोक हो गईं थी।