मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद श्रद्धालु अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान महाकाली माता, अष्टभुजी देवी और माता तारा देवी धाम पहुंचे। यहां भी भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगा। नवरात्र की अष्टमी पर अष्टभुजा पहाड़ की त्रिकोण परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
देवी धाम में पूरे दिन घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और शहनाई की धुनों के बीच मां भगवती के जयकारे गूंजते रहे। मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने विंध्याचल की गलियों में सजी दुकानों से जरूरत का सामान खरीदा। इससे स्थानीय दुकानदारों में भी उत्साह नजर आया।
नवरात्र मेले को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय रहा। वहीं, श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्य भी श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग में जुटे रहे। महाअष्टमी पर विंध्य धाम का पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।