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Mukhtar Ansari: अवधेश राय हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी को उम्रकैद की सजा, एक लाख रुपये का जुर्माना

Mon, 05 Jun 2023 07:31 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के  बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में कोर्ट ने माफिया  मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया। सोमवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एलएलए) अवनीश गौतम की अदालत ने मुख्तार को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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32 साल पुराने वाराणसी के बहुचर्चित अवधेश राय हत्याकांड में विशेष न्यायाधीश (एमपी-एलएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत ने मुख्तार अंसारी को आजीवन कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर मुख्तार को छह महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मुख्तार द्वारा अब तक जेल में बिताई गई अवधि आजीवन कारावास की सजा की अवधि में समायोजित की जाएगी। पूर्वांचल में सभी की निगाहें इस ओर टिकी थी कि मुख्तार को क्या सजा मिलेगी।

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बीते एक साल में मुख्तार अंसारी को छङ मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन इन सभी मामलों में अवधेश राय हत्याकांड में उसे पहली बार उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट के फैसले के मद्देनजर सिविल कोर्ट परिसर के साथ ही नौ मंजिला बिल्डिंग स्थित अदालत कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही।



अधिवक्ता अनुज यादव ने बताया कि दिनदहाड़े अवधेश राय की हत्या की गई थी। 32 साल पुराने इस मामले में एमपी-एलएलए कोर्ट ने मुख्य आरोपी मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया। एमपी-एमएलए कोर्ट में सिर्फ मुख्तार अंसारी का केस चल रहा था, बाकी अभियुक्तों का मामला इलाहाबाद के जिला न्यायलय में लंबित है। 
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अजय राय ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत

मीडिया से बात करते अजय राय - फोटो : सोशल मीडिया
अवधेश राय पूर्व मंत्री व पिंडरा के कई बार विधायक रहे और अब कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय के बड़े भाई थे। सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले का अजय राय ने स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बड़े भाई की हत्या करने वालों के खिलाफ तीन दशक से ज्यादा समय से संघर्ष कर रहा हूं। माफिया के धनबल, बाहुबल और सत्ता से गठजोड़ के आगे कभी नहीं झुका। न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। अपने परिवार और अधिवक्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं रहूं या ना रहूं लेकिन इन लोगों ने लड़ाई जारी रखी। 

वैन से आए बदमाशों ने की थी अंधाधुंध फायरिंग

तीन अगस्त 1991 को वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के लहुराबीर इलाके में रहने वाले कांग्रेस नेता अवधेश राय अपने भाई अजय राय के साथ घर के बाहर खड़े थे। सुबह का वक्त था। एक वैन से आए बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। अवधेश राय को गोलियों से छलनी कर दिया गया। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना से पूरा पूर्वांचल सहम उठा था।

पूर्व विधायक अजय राय ने इस मामले में मुख्तार अंसारी को मुख्य आरोपी बनाया। साथ में भीम सिंह, कमलेश सिंह व पूर्व विधायक अब्दुल कलाम और राकेश न्यायिक का भी नाम रहा। इनमें से कमलेश व अब्दुल कलाम की मौत हो चुकी है। राकेश न्यायिक का केस प्रयागराज कोर्ट में चल रहा है। 
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फोटोस्टेट पत्रावली के आधार पर सुनवाई का पहला मामला

वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
हत्या जैसे मामले में फोटोस्टेट पत्रावली के आधार पर सुनवाई का संभवत: यह पहला प्रकरण है। इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक गया। लेकिन, लंबी कानूनी प्रक्रिया के तहत यहीं की अदालत में सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने पांच जून को फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी। आज कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया।
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