वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर इन दिनों एंटी रेबीज वैक्सीन का टोटा बना हुआ है। इसके अभाव में कुत्ता काटने के बाद इलाज के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे खराब स्थिति ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों की हैं यहां पहुंचने वाले चार-पांच लोगों को ही वैक्सीन लगाया जा रहा है बाकी को जिले के अस्पतालों में रेफर कर दिया जा रहा है।
बात अगर वैक्सीन की करें तो जिले में जहां से वैक्सीन मंगाई जाती है, वहीं से नहीं आ पा रही है। इस बीच मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा की बात करें तो यहां बनारस और आसपास के जिलों से पिछले 15 दिन से हर दिन 100 से 150 मरीज आ रहे हैं। इसमें पास के जिलों और स्वास्थ्य केंद्र के रेफर मरीज भी शामिल हैं। नियमानुसार नए मरीजों के साथ ही पुराने मरीजों को भी वैक्सीन लगाए जाते हैं।
सूत्रों की माने तो औसतन 10 से 15 मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। उधर चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को वैक्सीन के लिए मरीजों और कर्मचारियों में नोंकझोंक हुई। यहां भी लंबे समय से वैक्सीन का टोटा बना है। कितना वैक्सीन आता है और कब खत्म हो जा रहा है पता नहीं चल पा रहा है।