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Varanasi News: एलयूसीसी निवेश घोटाला, लालपुर-पांडेयपुर थाने में चार के खिलाफ FIR; करोड़ों की ठगी का आरोप

Fri, 20 Mar 2026 05:52 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: एलयूसीसी निवेश घोटाले में अदालत के आदेश पर लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। निवेशकों का आरोप है कि आरडी, एफडी योजनाओं में अधिक रिटर्न का लालच देकर करीब 3.65 करोड़ रुपये की ठगी की गई। भुगतान न मिलने पर मामला सामने आया।
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दुष्कर्म के आरोपी को कठोर कारावास की सजानिवेश घोटाले में अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi Crime: चर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) निवेश घोटाले में अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद अदालत ने लालपुर-पांडेयपुर पुलिस को चार नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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प्रकरण में ऐढ़े निवासी विवेकानंद चौहान, जितेंद्र कुमार, अजय सिंह चौहान, वीर बहादुर चौहान, मनोज चौहान समेत सैकड़ों निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि एलयूसीसी के नाम पर कंपनी के अधिकारियों ने सुनियोजित तरीके से लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया और बाद में ठगी कर फरार हो गए।

शिकायत के मुताबिक कंपनी के सीईओ समीर अग्रवाल, मोटिवेशनल स्पीकर संजय मुदगल, फाइनेंशियल एडवाइजर आर.के. शेट्टी और पूर्वांचल हेड शबाब हुसैन ने लोगों को आरडी, एफडी और एमआईएस जैसी योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इन योजनाओं में अधिक रिटर्न का लालच दिया गया। शुरुआती दौर में निवेशकों को समय पर भुगतान कर उनका विश्वास जीत लिया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग निवेश के लिए आगे आए।

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ये है मामला

आरोप है कि बाद में कंपनी ने फर्जी रसीदें और बांड पेपर जारी कर बड़े स्तर पर धन एकत्र किया। फरवरी 2024 में निवेशकों को ठगी का शक तब हुआ, जब भुगतान के लिए कंपनी कार्यालय जाने पर लगातार टालमटोल की जाने लगी। इसके बाद जनवरी 2025 तक पैसा लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन किसी भी निवेशक को रकम वापस नहीं मिली।

पीड़ितों का कहना है कि कुल 3,65,98,254 रुपये की धनराशि कंपनी में जमा कराई गई थी, जो अब तक वापस नहीं मिली है। आरोप है कि बड़ी रकम इकट्ठा करने के बाद कंपनी के जिम्मेदार लोग फरार हो गए।

थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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