स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल करने के बाद मोदी सरकार ने वाराणसी एक और बड़ा तोहफा दे दिया है। इस योजना के शुरू होने पर वाराणसी के करीब सात लाख रसोई गैस उपभोक्ताओं को उनके घरों तक एलपीजी की सप्लाई पाइप लाइन के जरिए होगी। इसके जरिये घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में भी इको फ्रॅेंडली गैस की आपूर्ति की तैयारी है।
केंद्रीय कैबिनेट ने गैस पाइप लाइन के दो प्रोजेक्ट को बुधवार को मंजूरी दे दी। 2539 किलोमीटर लंबी इस जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धमरा गैस पाइप लाइन बिछाने पर करीब 12940 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना पर खर्च होने वाली धनराशि का 40 फीसदी करीब 5176 करोड़ रुपया भी स्वीकृत हो गया।
वाराणसी में रोजाना करीब 20 हजार सिलेंडर की आपूर्ति होती है। इंडियन आयल ने यहां बाबतपुर के पास बॉटलिंग प्लांट लगा रखा है। इसकी क्षमता करीब 40 हजार सिलेंडर प्रति दिन की है। 28 गैस एजेंसियों की मदद से पूरे जिले में सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती है।