वहीं इस मामले में आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि सीट हमेशा के लिए रिजर्व नहीं है। बड़े और अच्छे काम की शुरुआत में पूजा-पाठ किया जाता है। इसीलिए ट्रेन में भगवान शिव का मंदिर बनाया दिया था। वैसे भी ट्रेन में रविवार को किसी यात्री की बुकिंग नहीं थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ाव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाई थी और ट्रेन को रवाना किया था। काशी महाकाल एक्सप्रेस दो राज्यों के तीन ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कराएगी। यह ट्रेन इंदौर के निकट ओंकारेश्वर, उज्जैन में महाकालेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ को जोड़ेगी।
पीएम मोदी रविवार को बनारस दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने 12 करोड़ रुपये की सौगात दी। चंदौली के पड़ाव में प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा और स्मारक का लोकार्पण किया। यह प्रतिमा 63 फीट ऊंची थी, जो 39.79 करोड़ रुपये की लागत से बनी थी।