- सबसे पहले शनि मंदिर जाकर नाक रगड़कर शनि महाराज से अपने बुरे कर्मों की माफी मांगें। उसके बाद बड़े बनाकर 8 बड़े शनि महाराज को चढ़ा दें।
- थोड़े से बड़े दही के साथ भैरवजी को चढ़ा दें, जो 2 सादा बड़े थे एक दोने में दोनों को रखकर उसमें थोड़ा दही और सिंदूर डालकर पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं। पीछे मुड़कर नहीं देखना है सीधे घर आ जाएं। घर के बाहर हाथ पैर धोकर अंदर प्रवेश करें।
- कुछ शनिवार लगातार ये उपाय करें। आपका टूटा-रिश्ता वापस जुड़ जाएगा।
- ये उपाय शनि की महादशा, अंतर्दशा, साढ़ेसाती, ढैय्या वाले भी कर सकते हैं। पहले शनिवार के बाद से ही इसका बहुत अच्छा परिणाम मिलता है। लेकिन लगातार 8 शनिवार अवश्य करें। कुंडली मे शनि कितना भी पीड़ित हो, इस उपाय से उसके बुरे परिणाम आपको नही मिलेंगे।