पिन्डारी में मुसलमान ने दिया सौहार्द की मिशाल
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शादी के बाद लोग इसे अलग-अलग तरीके से जीवन का सबसे बेहतरीन पल बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन एक शख्स ने शादी के कार्ड के जरिए ऐसी मिसाल की है जिसकी काफी चर्चाएं हैं।
बलिया जिले के पिंडारी गांव में सौहार्द की मिसाल देखने को मिली है। एक मुस्लिम परिवार के वैवाहिक निमंत्रण पत्र पर हिंदुओं के प्रथम पूज्य देवता गणेश को स्थान दिया है।
पिंडारी गांव निवासी सिराजुद्दीन पुत्र मुर्तुजा की 23 मार्च को निकाह होना सुनिश्चित है। लेकिन आपसी सौहार्द और प्यार का ही प्रभाव है कि प्रीतभोज के निमंत्रण पत्र पर उन्होंने श्री गणेशाय नम: लिखवाया है।
इतना ही नहीं निमंत्रण पत्र पर नारियल युक्त कलश पर स्वास्तिक का चित्र भी बना है। खास बात यह है कि मंगलम् भगवान विष्णु: मंगलम गरुड़ध्वज:, मंगलम् पुंडरीकांक्ष मंगलाय तनो हरि...भी लिखा गया है।
इस बाबत पूछे जाने पर मुर्तुजा मियां के भतीजे मुहम्मद कियामुद्दीन ने बताया कि हम लोग हिन्दु-मुस्लिम मिलकर सभी शादी समारोह एक साथ मनाते हैं। हमलोगों ने करीब सात सौ कार्ड वितरित किए हैं।
चूंकि गांव में हिंदुओं की संख्या ज्यादा है इसलिए ऐसा कार्ड उनका हमलोगों से रिश्ता और मजबूत करता है।
कई पीढ़ियों से शादी के कार्ड पर श्री गणेशाय नमः लिखवा रहा यह परिवार
Muslim weeding card
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श्री राम जन्मभूमि को लेकर जहां दोनों समुदायों में तलवारें खिंची हैं, वहीं दूसरी ओर बलिया के इस पिंडारी गांव के मुस्लिम परिवार ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है।
उन्होंने शादी के कार्ड पर हिंदू देवता भगवान गणेश फोटो और मन्त्र लिखवाया है, जिसकी क्षेत्र में काफी चर्चा है। मुसलमान विस्मिल्ला को याद कर 786 लिखते हैं।
देश में चंद लोग अपनी राजनैतिक रोटी सेकने के लिए भले ही हिंदू-मुसलमान की बात करते हो, लेकिन धरातल का नजारा कुछ और ही है। सिराजुद्दीन का कहना है कि शादी के कार्ड पर हिंदू देवी देवता की फोटो और मंत्र इस बार कोई पहली बार नहीं छपवाया गया है।
उनके परिवार में अब तक हुई करीब दर्जन भर शादियों में छपवाया जा चुका है। शादी कार्ड हिंदू मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों के बीच समान रूप से वितरित किया जाता है तथा उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रद्धा से आमंत्रित किया जाता है।