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BHU: ट्रॉमा सेंटर में खरीदारी में गड़बड़ी के आरोपों को लोकपाल ने किया खारिज, CBI की रिपोर्ट; 24 पेज में फैसला

Wed, 27 May 2026 12:49 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: ट्रॉमा सेंटर में मशीनों व चिकित्सा सामान की खरीद में गड़बड़ी के आरोपों को भारत के लोकपाल ने खारिज कर दिया। एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई जांच रिपोर्ट के आधार पर खरीद प्रक्रिया को नियमानुसार और पारदर्शी बताया। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर मौजूद पुलिस व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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IMS BHU: आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में मशीनों और सामानों की खरीदारी में गड़बड़ी के आरोपों को भारत के लोकपाल न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को खारिज कर दिया। ये शिकायतें सीबीआई, कैग, लोकपाल सहित अन्य एजेंसियों से की गई थीं। 

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सीबीआई से कराई गई जांच और उसकी रिपोर्ट के बाद पीठ ने फैसला दिया है। लोकपाल की पीठ ने खरीदारी को नियमानुसार बताया है। साथ ही कहा है कि जिन लोगों ने शिकायत की थी उनकी तरफ से कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिए गए। 24 पेज के आदेश में ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह को खरीद संबंधी सभी आरोपों से मुक्त किया गया है। 

ट्रॉमा सेंटर में मशीन, मरीजों की जांच, इलाज के लिए जरूरी सामानों की खरीदारी जेम पोर्टल से की गई थी। इस पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए और कैग के साथ ही सीवीसी (चीफ विजिलेंस कमिश्नर), लोकपाल और सीबीआई से शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि खरीद में नियमों की अनदेखी की गई है। भारत के लोकपाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। 

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सीबीआई की टीमों ने बीएचयू आकर खरीद और उससे जुड़ी दूसरी शिकायतों की जांच की। दस्तावेज देखे और जिम्मेदारों के बयान भी दर्ज किए। सीबीआई ने जांच रिपोर्ट लोकपाल को दी। इसके बाद लोकपाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने सीबीआई की रिपोर्ट की समीक्षा की और 21 मई को फैसला सुनाया। पीठ ने कहा कि जो भी सामान खरीदे गए हैं वो नियमावली के अनुरूप हैं। दूसरे चिकित्सा संस्थानों से कम दाम पर खरीदे गए हैं। 

खरीदारी में पारदर्शिता बरती गई है इसलिए अपील खारिज करते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया। लोकायुक्त की पीठ में शामिल सदस्यों में न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर (अध्यक्ष, लोकपाल), न्यायमूर्ति एल नरसिम्हा रेड्डी (न्यायिक सदस्य), न्यायमूर्ति संजय यादव  (न्यायिक सदस्य), सुशील चंद्रा (सदस्य), पंकज कुमार (सदस्य), अजय तिर्की (सदस्य) शामिल रहे। 
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ट्रॉमा सेंटर में खरीदारी की शिकायतों पर लोकपाल की पीठ ने जो फैसला दिया है, उसमें सीबीआई की जांच रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। जेम पोर्टल से नियमानुसार खरीदारी की गई है। फैसले से सिद्ध हो गया कि अनावश्यक विवादों से उत्कृष्ट संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाया जा रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ट्रॉमा सेंटर में मरीजों का बेहतर जांच, उपचार किया जा रहा है। -प्रो. सौरभ सिंह, प्रभारी, ट्रॉमा सेंटर बीएचयू
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