रोड शो से पूर्व पीएम ने लंका स्थित महामना पं. मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर चुनावी शंखनाद कर दिया। यहां मौजूद लोगों का चारों दिशाओं में घूमकर और सिर झुकाकर प्रणाम किया। 5:20 बजे प्रधानमंत्री का काफिला निकला तो सड़कों पर पहले से मौजूद जनसैलाब ने पुष्पवर्षा के साथ-साथ हाथ हिला कर स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते गर्मजोशी से जवाब दिया और उनसे आशीर्वाद की अपेक्षा की।
संसदीय क्षेत्र में करीब ढाई घंटे से ज्यादा समय तक चले पीएम के मेगा शो में जगह-जगह लघु भारत भी नजर आया। रोड शो के पूरे रूट पर दोपहर बाद से ही जगह-जगह उत्सव जैसा दृश्य था। रोड शो के बीच सड़कों के किनारे काशी की धर्म, कला और संस्कृति के नजारे के साथ घंटों से इंतजार कर रहे लोगों का उनके प्रति अपनापन और उनको देखने की आतुरता दिखी। उत्साही लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा और मोदी-मोदी की नारेबाजी की।
इस बीच पीएम के दशाश्वमेध घाट पर पहुंचने में देरी के कारण भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की वार्ता के बाद निर्धारित समय सात बजे से एक घंटे की देरी से संकल्प पूजन और गंगा आरती शुरू हुई। आरती के दौरान ही पीएम रात 7:45 बजे गंगा आरती में शामिल हुए।
बाद में पीएम ने कैंटोमेंट स्थित होटल में प्रबुद्धजनों से संवाद किया। बोले, पांच साल में काशी से मिला प्यार अविस्मरणीय है। काशी महान मनीषियों भगवान बुद्ध, तुलसीदास और रविदास की धरती है। यहां जब जब आते हैं तो उनका संबंध सिर्फ मतपत्रों तक सीमित नहीं है। यहां के लोगों से हमारा दिल का नाता है। हम यहां के सुख-दुख में बराबर के भागीदार हैं। पीएम ने कहा, पूरा देश बदलाव महसूस कर रहा है। नया भारत आतंकियों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। हमारा रास्ता और रफ्तार सही है।विरोधी भी हमारा लोहा मानते हैं। वजह यह है कि काशी स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र बन रहा है। बनारस से लटके हुए तार गायब हो रहे हैं। रेलवे स्टेशनों को सुधारने के साथ ही यहां सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं
पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से प्रियंका गांधी वाड्रा के लड़ने की संभावनाओं पर विराम लग गया है। कांग्रेस ने वहां से पांच बार के विधायक रहे अजय राय पर एक बार फिर दांव लगाया है। गोरखपुर से मधुसूदन तिवारी कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे।
कांग्रेस ने गुरुवार को वाराणसी और गोरखपुर से प्रत्याशियों का एलान कर दिया। वाराणसी से कांग्रेस के टिकट पर वर्ष 2014 का चुनाव लड़ चुके अजय राय को प्रत्याशी बनाया गया है। अजय राय ने अपनी संसदीय राजनीति की शुरुआत भाजपा से की थी। वे वर्ष 1996, 2002 और वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर कोलसला सीट से विधायक चुने गए। वर्ष 2009 में उन्होंने वाराणसी से सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, पर हार गए। उसके बाद हुए परिसीमन में कोलसला सीट समाप्त हो गई। वर्ष 2012 का विधानसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पिंड्रा से जीता। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें वाराणसी से और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पिंड्रा से फिर प्रत्याशी बनाया, लेकिन अजय राय दोनों ही चुनाव हार गए।
हाल ही में प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुद और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष चाहें तो वे वाराणसी से चुनाव लड़ सकती हैं। राहुल गांधी ने इस सस्पेंस को बने रहने देने संबंधी बयान दिया तो चर्चाएं जोर पकड़ गईं। हालांकि, अमर उजाला ने कांग्रेस के भरोसेमंद सूत्रों के हवाले से इसका पहले ही खुलासा कर दिया था कि प्रियंका वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ेंगी। गोरखपुर से कांग्रेस ने मधुसूदन तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। वे कई बार गोरखपुर की बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं। उन्हें भाजपा के प्रत्याशी रवि किशन और गठबंधन के प्रत्याशी राम भुआल निषाद के खिलाफ उतारा गया है।