पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भले ही एक हॉट लोकसभा सीट है, लेकिन कालीन नगरी कही जाने वाली भदोही ने काशी को एक मामले में पछाड़ दिया है। जिस कारण भदोही की जनता इस लोकसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी भदोही में पूर्वांचल की 14 सीटों में सबसे अधिक मतदाता हैं। यहां कुल 19 लाख 13 हजार 568 वोटर हैं, जबकि मिर्जापुर दूसरे नंबर पर है। सबसे कम मतदाताओं में राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं।
पांच चरणो का चुनाव खत्म होने के बाद छठवें और सातवें चरण में पूर्वांचल की 14 सीटों के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर भाग्य विधाता तय करेंगे। भदोही, आजमगढ़ समेत पूर्वांचल की करीब छह सीटों पर छठवें चरण में 12 मई तो शेष सीटों पर 19 मई को सातवें चरण में वोट डाला जाएगा।
कुछ सीटों पर भाजपा और गठबंधन पर सीधी टक्कर है तो कुछ सीटों पर कांग्रेस त्रिकोणीय मुकाबला बना रही है। मतदाताओं के लिहाज से भदोही पूर्वांचल में सबसे आगे है। यहां कुल 19 लाख 13 हजार 666 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी में 17 लाख 96 हजार 931 वोटर हैं।
दूसरे नंबर पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र मिर्जापुर में 18 लाख 85 हजार मतदाता हैं। वैसे तो आजमगढ़, सोनभद्र और जौनपुर में दो-दो संसदीय सीट बनाई गई हैं लेकिन कम वोटरों में सोनभद्र के राबर्टगंज की सीट पर हैं। यहां पर 13 लाख 24 हजार 990 मतदाता हैं।