तेजबहादुर इसके पहले भी निर्दल नामांकन कर चुके हैं। तेजबहादुर ने टिकट के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी की है। इससे पहले जब शालिनी यादव नामांकन करने के लिए कलक्ट्रेट में जुलूस लेकर पहुंचीं, उसी समय धूपचंडी बीएसएफ के बर्खास्त जवान को लेकर नामांकन का एक सेट और दाखिल कराने पहुंच गए। दोनों प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार अगर समाजवादी पार्टी तेज बहादुर पर दांव लगाती है तो इसके जरिए वह भाजपा को घेरेगी। सपा तेज बहादुर की बर्खास्तगी के मुद्दे को उठाएगी। दरअसल, शालिनी यादव पहले पहले कांग्रेस में थीं और वाराणसी में मेयर के चुनाव में उन्हें 1. 13 लाख वोट मिले थे। अब शालिनी के हटने पर कांग्रेसी वोटों के बंटने की आशंका कम हो जाएगी।