मायावती और अखिलेश की संयुक्त रैली
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने अथक प्रयास से गरीबों, दलितों और अति पछिड़ों के लिए कानून बनाया लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग बाबा साहेब की बातों से सहमत नहीं हुए। इसके बाद बाबा साहेब ने इन जातियों को जगाने का निर्णय लिया। हमारे गठबंधन को यह लोग महामिलावटी कहते हैं। लेकिन वह इस गठबंधन को खतरा मानते हैं। यह गठबंधन महामिलावटी नहीं है मिलावटी तो प्रधानमंत्री खुद है।
उन्होंने सरकार में रहते हुए खुद को गुजरात में पिछड़ी जाति में शामिल कराया। अगर हमको केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिला तो हर गरीब परिवार को सरकारी या गैर सरकारी नौकरी की व्यवस्था करेंगे। यह गठबंधन तब तक चलेगा जब तक योगी को गोरखपुर में उनके मठ में नहीं भेज देते। हमें पुराने गिले शिकवे भूलकर इस सामाजिक परिवर्तन की लहर को आगे ले जाना है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि देश और दुनिया में आजमगढ़ के लोगों ने अपनी मेहनत से नाम बनाने का कार्य किया है। यह देश में बदलाव कासमय है। यह मिलावटी गठबंधन नहीं बल्कि देश में बदलाव लाने वाला गठबंधन है।
इन्होंने नौकरी देने का वादा करके नौकरियां खत्म कर दीं। मुद्रा जैसी योजना चलाने के बाद भी किसी को कोई लाभ नहीं दे सकी। यह वहीं लोग हैं जो चायवाला बनकर हमारे बीच आए थे और धोखा दिया। अब चौकीदार बनकर आ रहे हैं। फिर से नया धोखा देने।