शारदीय नवरात्र की द्वितीया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐंद्र योग में राष्ट्र की खुशहाली और कल्याण के लिए नौ शक्तिपीठों में से एक मां की सविधि आराधना की। पीएम मोदी शुक्रवार की देर शाम काशी में विराजित नौ शक्ति पीठों में से एक दुर्गा मंदिर पहुंचे।
उन्होंने यहां मां कूष्मांडा की वैदिक रीति से पूजा की और देश की उन्नति, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। पुजारी सत्यप्रकाश के अनुसार इंदिरा गांधी के बाद देश के दूसरे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने मां दुर्गा की पूजा की।
शुक्रवार की देर शाम 7:40 बजे प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही दुर्गाकुंड मंदिर पर पहुंचा। इस दौरान आसपास की सड़कों और मकानों पर अपने प्रधानमंत्री को देखने के लिए लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। वैदिक विद्वान पं. महेंद्र नाथ तिवारी के आचार्यत्व में महंत कृष्णा प्रसाद दुबे, सत्य प्रकाश दुबे संजू गुरु, ओम प्रकाश दुबे, जय प्रकाश दुबे और ऋषभ दुबे ने गर्भगृह में पूजा के दौरान मंत्रोच्चार किया।
पीएम मोदी ने 1008 गुड़हल के फूलों की माला, नारियल, चुनरी और फल,पंचमेवा अर्पित कर आरती भी उतारी। अहमदाबाद की मां अंबा के दरबार की तरह ही दुर्गा माता मंदिर में भी प्रतिमा की जगह महायंत्र की स्थापना की गई है।
पीएम मोदी ने महायंत्र की आराधना की। इसके उपरांत प्रधानमंत्री पौराणिक दुर्गाकुंड का अवलोकन करने पहुंचे।इससे पहले पीएम काशी की प्राचीन तुलसी मानस मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने दर्शन पूजन कर रामायण पर डाक टिकट जारी किया।
पीएम के आगमन की खबर पर दोनों मंदिरों में बड़ी भारी भीड़ उमड़ी। पीएम की एक झलक पाने को लोग बेताब रहे।
इससे पहले दो दिनी दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे बड़ा लालपुर आये। यहां उन्होंने ट्रेड फैसिलिटी सेंटर ( पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल) का उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया।
यहां जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम जैसे ही बोले-मेरे प्यारे मेरे प्यारे बनारस के भाइयों बहनों तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने ट्रेड फैसिलिटी सेंटर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दिन बदलने वाला साबित होगा।
उन्होंने कहा कि हम ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो खुद शिलान्यास भी करते हैं और खुद ही उसका लोकार्पण भी। पहले बुनकर कहते थे कि हम काम छोड़ना चाहते हैं लेकिन अब उनकी सोच बदलेगी। पूर्व की सरकारों को निसाने पर लेते हुए कहा कि पहले की सरकारों को विकास से नफरत थी। वो केवल झोली भरना चाहते थे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकास के पथ पर अग्रसर है। हम मध्यम परिवार और गरीब दोनों को केंद्र में रखकर चल रहे हैं। समाज के हर वर्ग को सशक्त करने के उद्देश्य से हम योजनाएं बना रहे हैं। इसका लाभ दिख रहा है। भविष्य में यह और बेहतर होगा।