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निर्भया के गांव से LIVE: आखिर क्यों दोषियों की फांसी के बाद भी खुशी के बीच है चिंता का माहौल

Fri, 20 Mar 2020 03:15 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर करतीं रेड ब्रिगेड ट्रस्ट व निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य - फोटो : अमर उजाला।
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देर रात सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व निर्धारित समय पर निर्भया के चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को तिहाड़ जेल में आज 5 बजकर 30 मिनट पर फांसी दे दी गई। फांसी होते ही उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र में स्थित निर्भया के पैतृक गांव में जश्न का माहौल है।

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वहीं खुशी के माहौल के बीच गांव की युवतियों में मानवता को शर्मशार कर देने वाली इस घटना के बाद न्याय की आस में निर्भया के परिजनों को जिस तरह से 7 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। कानून के इस लचीलेपन को लेकर चिंता का माहौल है।
 

एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी जाहिर करतीं रेड ब्रिगेड ट्रस्ट व निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य - फोटो : अमर उजाला
सभी की एक स्वर में मांग है कि कानून के इस लचीलेपन को समाप्त किया जाय, जिससे कि इस तरह की घटना के बाद पीड़िता और उनके परिजनों को जल्द न्याय मिले, तभी ऐसे अपराधियों में भय कायम होगा।
 

गुलाल उड़ाकर खुशी जाहिर करतीं रेड ब्रिगेड ट्रस्ट व निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य - फोटो : अमर उजाला
रेड ब्रिगेड ट्रस्ट व निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य आर्या पांडेय ने बताया कि निर्भया के दोषियों की देर से ही सही फांसी से खुशी है। कानून में कमियों को समाप्त करने का प्रयास होना चाहिए।
खुशी जाहिर करते हुए रेड ब्रिगेड ट्रस्ट की सदस्य दिव्या पांडेय चारों आरोपियों की फांसी से खुशी है। इससे इस तरह के कृत्य करने वालों में डर होगा।

गीत गाकर खुशी जाहिर करतीं रेड ब्रिगेड ट्रस्ट व निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य - फोटो : अमर उजाला
निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य खुशी शर्मा का कहना है कि सात साल से इसी पल का इंतजार कर रहे थे कि कब दरिंदे फांसी पर झूलेंगे और हमलोग होली दिवाली मनाएंगे। आज वह पल मिला है।
 

टीवी देखते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
आंचल शर्मा कहती हैं कि निर्भया के दरिदों की फांसी से खुशी है। इससे बेटियों का आत्मबल बढ़ेगा और निडर होकर कहीं भी जाकर पढ़ाई कर सकेंगी। दिव्यानी पांडेय ने कहा कि निर्भया को तो देर से ही सही न्याय मिला और लाख तिकड़म के बावजूद आरोपी फांसी से नहीं बच सके।

एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला।
अन्य बेटीयों के मामले में भी सजा जल्द होनी चाहिए। अपने परिजनों को मिठाई खिलाते हुए निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य चाहत पांडेय कहती हैं कि निर्भया के आरोपियों की फांसी से खुशी है तो चिंता भी है,क्योंकि इसके लिए सात साल तक उसके माता पिता को कानूनी संघर्ष करना पड़ा। कानून में मौजूद लचीलापन को दूर करने के लिए कार्रवाई जरूरी है ताकि फिर किसी माता पिता को संघर्ष नहीं करना पड़े।
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विजयी मुद्रा में ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला।
रेड ब्रिगेड ट्रस्ट की सदस्य स्मृति पांडेय ने कहा कि सात साल की लंबी जंग के बाद निर्भया को न्याय मिला है। निर्भया के दोषी कानून में मौजूद कमियों के कारण ही अब तक बचते रहे। इन कमियों को दूर करना होगा, तभी जल्दी न्याय मिल सकेगा।
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