डॉ. नीरजा माधव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट साहित्यिक पहचान बना चुकी हैं। उनकी रचनाएं समाज के विभिन्न पहलुओं को गहराई से छूती हैं और व्यापक पाठक वर्ग में लोकप्रिय हैं। उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के बुक प्रमोशन काउंसिल में भी उन्हें लेखक सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें कबीर अकादमी का शासी सदस्य भी बनाया है। इससे पहले वे भारत सरकार के नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की न्यासी सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। साहित्य और समाज के क्षेत्र में उनका योगदान लगातार सराहा जाता रहा है।
डॉ. नीरजा माधव के उपन्यास और कहानियां देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और राज्य बोर्डों के पाठ्यक्रमों में शामिल हैं, जो उनकी साहित्यिक महत्ता को दर्शाता है। उनके साहित्य पर देशभर के विश्वविद्यालयों में शोध कार्य भी हो चुके हैं और वर्तमान में भी जारी हैं।