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UP: प्रधानमंत्री की उच्चस्तरीय समिति की सदस्य बनीं साहित्यकार नीरजा माधव, नारी शक्ति पुरस्कार से हैं सम्मानित

Sat, 18 Apr 2026 03:05 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: नई जिम्मेदारी मिलने पर साहित्यिक और शैक्षणिक जगत में खुशी की लहर है। यह माना जा रहा है कि उनके अनुभव और दृष्टिकोण से महात्मा फुले की जयंती से जुड़े कार्यक्रमों को नई दिशा और प्रभावशीलता मिलेगी।
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डॉ. नीरजा माधव। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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देश की जानी-मानी साहित्यकार और नारी शक्ति पुरस्कार 2021 से सम्मानित डॉ. नीरजा माधव को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत सरकार ने उन्हें प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति का सदस्य बनाया है। यह समिति महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित की गई है।

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इस संबंध में डॉ. नीरजा माधव को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के संयुक्त सचिव की ओर से आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई है। इस समिति का उद्देश्य देशभर में सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता के प्रतीक महात्मा फुले के विचारों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

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मिली नई जिम्मेदारी

डॉ. नीरजा माधव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट साहित्यिक पहचान बना चुकी हैं। उनकी रचनाएं समाज के विभिन्न पहलुओं को गहराई से छूती हैं और व्यापक पाठक वर्ग में लोकप्रिय हैं। उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के बुक प्रमोशन काउंसिल में भी उन्हें लेखक सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें कबीर अकादमी का शासी सदस्य भी बनाया है। इससे पहले वे भारत सरकार के नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की न्यासी सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। साहित्य और समाज के क्षेत्र में उनका योगदान लगातार सराहा जाता रहा है।

डॉ. नीरजा माधव के उपन्यास और कहानियां देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और राज्य बोर्डों के पाठ्यक्रमों में शामिल हैं, जो उनकी साहित्यिक महत्ता को दर्शाता है। उनके साहित्य पर देशभर के विश्वविद्यालयों में शोध कार्य भी हो चुके हैं और वर्तमान में भी जारी हैं।
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