औ मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के जन औषधि केंद्र पर छापे में ब्रांडेड दवाइयां मिलने के बाद ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रों पर दवाओं की सूची चस्पा करा दी गई है। इसमें केंद्र पर उपलब्ध दवाओं के नाम अंकित हैं। इससे दवा खरीदने वालों को पूरी जानकारी मिल सकेगी।
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जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर 60 जगहों पर जन औषधि केंद्र हैं। बाजार की दवाओं की तुलना में केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं 50 से 80 प्रतिशत तक कम दाम की होती हैं। मंडलीय अस्पताल मामले में सहायक आयुक्त औषधि के निर्देशन पर जांच शुरू हो गई है। इस बीच शनिवार को मंडलीय अस्पताल में दुकानों के दोनों तरफ सूची चस्पा दिखी। इन पर दवाइयों के नाम दर्ज हैं। पहले की तरह अब केंद्रों की निगरानी भी की जा रही है। एसआईसी ने केंद्र प्रबंधक से मांगा जवाब मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह ने केंद्र पर ब्रांडेड दवाओं के मिलने के बाद जन औषधि केंद्र के प्रबंधक से जवाब मांगा है। प्रबंधक नवीन सिंह ने बताया कि एसआईसी को सोमवार तक जवाब दें देंगे। केंद्र पर मरीजों की सुविधा के लिए जेनरिक दवाइयां ही रखी जाती हैं। जो ब्रांडेड दवाइयां पकड़ी गई थीं, वह एक कर्मचारी के परिजन की थी। संबंधित कर्मचारी परिवार के सदस्य के लिए बाहर से दवाइयां लेकर आया था, गलती से उसके बैग में रखी पड़ी थी। फिर भी ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से जो कार्रवाई की जाएगी, उसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। बताया कि समय-समय पर दवाइयों की उपलब्धता की अपडेट सूची चस्पा कराई जाती है।